पुणे महानगरपालिका  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे मनपा का कड़ा रुख! भू-संपादन NOC के बिना नहीं बनेगी बिल्डिंग, लापरवाही पर अफसरों पर होगी कार्रवाई

PMC Building Permission Rules: पुणे मनपा ने सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित ज़मीन पर निर्माण अनुमति के लिए भू-संपादन विभाग की NOC अनिवार्य कर दी है। बिना NOC अनुमति देने पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

गोरक्ष पोफली

Pune Municipal Corporation Land Acquisition NOC: सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन ली, बदले में FSI-TDR का लाभ दिया, लेकिन जमीन का कब्जा और रिकॉर्ड पुणे मनपा के नाम पर पूरा नहीं हुआ ऐसी गड़बड़ियों पर अब रोक लगाने की तैयारी है। 

धारा 210 के तहत सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित जमीन पर किसी भी निर्माण को मंजूरी देने से पहले भू-संपादन विभाग की NOC अनिवार्य कर दी गई है। मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने इस संबंध में परिपत्र जारी कर निर्माण विभाग को तत्काल अमल के निर्देश दिए हैं। 

पहले जमीन का हिसाब, फिर बिल्डिंग परमिशन

अब निर्माण प्रस्ताव आते ही संबंधित अधिकारी सिर्फ नक्शे और कागजात नहीं देखेंगे, बल्कि मौके पर जाकर जमीन की पूरी स्थिति जांचेंगे। सड़क चौड़ीकरण में कितनी जमीन जा रही है? उसका कब्जा मनपा के पास आया है या नहीं? जमीन मालिक को मुआवजा मिला है या नहीं? चौड़ी सड़क के हिसाब से बिल्डर ने आवश्यक फ्रंट मार्जिन छोड़ा है या नहीं? इन सभी सवालों का जवाब मिलने के बाद ही प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। भू-संपादन विभाग की NOC नहीं तो निर्माण अनुमति नहीं। यह नियम अस्थायी और अंतिम दोनों तरह की निर्माण अनुमति पर लागू होगा। 

जमीन गई, मुआवजा भी गया, फिर भी कब्जा नहीं!

सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन लेने के बाद कई बार मौके पर मनपा का नाम दर्ज नहीं होता। बाद में जमीन का वास्तविक कब्जा लेने की प्रक्रिया में विवाद खड़े होते हैं। नतीजा जिस जमीन के लिए पहले ही विकास संबंधी लाभ दिए जा चुके हैं, उसी जमीन को हासिल करने में मनपा को दोबारा आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है। आयुक्त के नए आदेश का मकसद इसी प्रशासनिक खामी और संभावित आर्थिक नुकसान पर लगाम लगाना है। 

NOC के बिना मंजूरी दी तो अफसर फंसेंगे

नए आदेश में जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। भू-संपादन विभाग की NOC के बिना किसी निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और इससे पुणे मनपा को नुकसान हुआ, तो संबंधित कार्यकारी अभियंता और उपअभियंता को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यानी अब सिर्फ बिल्डर का प्रस्ताव ही नहीं, उसे मंजूरी देने वाले अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी।

धारा 210 के तहत सड़कें चौड़ी होती हैं, लेकिन मौके पर मनपा का नाम दर्ज नहीं होने से कई दिक्कतें पैदा होती हैं। मनपा का आर्थिक नुकसान रोकने के लिए निर्माण अनुमति से पहले भू-संपादन विभाग की NOC अनिवार्य की गई है।
राजेश बनकर, प्रभारी शहर अभियंता, पुणे मनपा

क्या है धारा 210 का खेल?

पुणे शहर में अधिक यातायात वाले लेकिन कम चौड़ाई के रास्तों को चौड़ा करने के लिए धारा 210 के तहत प्रक्रिया अपनाई जाती है। सड़क चौड़ीकरण के कारण प्रभावित जमीन के बदले जमीन मालिकों को नियमानुसार बढ़ा हुआ FSI और विकास अधिकारों से जुड़े लाभ दिए जाते हैं। लेकिन सड़क का वास्तविक कब्जा और रिकॉर्ड समय पर पूरा नहीं होने से बाद में विवाद पैदा होते हैं।अब मनपा ने निर्माण अनुमति से पहले भू-संपादन की स्थिति साफ करना अनिवार्य कर दिया है।

नवभारत लाइव के लिये समीर सैय्यद की रिपोर्ट

बंगाल में पूर्व जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी ने की SIR ड्यूटी से हटने की मांग! पत्र में किया परेशानी का जिक्र

रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर भीषण हादसा: समुद्र की तेज लहरों में डूबे पुणे के 8 छात्र, ट्रिप के दौरान मातम

अजय राय की होगी छुट्टी? आराधना मिश्रा ‘मोना’ को मिल सकती है UP कांग्रेस की कमान

स्मित मच्छार के चाचा-चाची से मिले CM फडणवीस; तारीफ़ करते हुए बोले- मुंबई के सुपुत्र और असली हीरो हैं कैप्टन

सपा नेता के बिगड़े बोल, BJP नेत्री को कहा- किसी घाट पर कपड़ा धो रही होती; देखें वीडियो