Pune Water Supply Crisis:पुणे शहर में अपूर्ण और दूषित पानी की सप्लाई के मुद्दे पर पुणे महानगरपालिका की जनरल बॉडी में सभी दलों के नगरसेवकों ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। नगरसेवकों ने आरोप लगाया है कि पीने के पानी में ड्रेनेज का पानी मिल रहा है, जिसके कारण नागरिकों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
नगरसेवकों का कहना था कि पानी सप्लाई विभाग के मुख्य अभियंता निर्देश ती जारी करते हैं, लेकिन जूनियर अधिकारी उन आदेशों की अनदेखी करते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
फरवरी की जनरल बॉडी मीटिंग मनपा के सभागार में आयोजित की गई थी। सभा की शुरुआत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नगरसेविका प्रिया गदादे और सूरज लोखंडे ने जनता वसाहत क्षेत्र में ड्रेनेज और पानी की पाइपलाइन संबंधी गंभीर मुद्दा उठाया।
उन्होंने बताया कि मुख्य सड़क की ड्रेनेज लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। कोंढवा और मोहम्मदवाड़ी क्षेत्र के नगरसेवक सय्यद कासिफ ने शिकायत की कि रमजान का महीना शुरू होने के बावजूद पिछले 15 दिनों से इन इलाकों में पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो रही है।
कांग्रेस की नगरसेविका अश्विनी लांडगे सहित भाजपा के प्रसन्न जगताप, हरिदास चरवड, प्राची आल्हाट और दिलीप वेडे पाटिल ने भी सभा में नागरिकों की समस्याएं उठाई।
महापौर मंजूषा नागपुरे ने प्रशासन को निर्देश दिए कि सदस्यों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए, उन्होंने क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर नगरसेवकों के साथ बैठक कर पानी सप्लाई से जुड़े मुद्दों का समाधान करने और जिन क्षेत्रों में कम दबाव या अपर्याप्त पानी की सप्लाई हो रही है, वहां सुधार करने के आदेश भी दिए।