पुणे हिंजवड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो परियोजना ( सोर्स: सोशल मीडिया )  
पुणे

माण-हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो में देरी पर CMO सख्त, 31 मार्च तक 12 स्टेशन चालू करने का अल्टीमेटम

Pune Metro update: पुणे की माण-हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो परियोजना में देरी पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। PITC को 31 मार्च तक कम से कम 12 स्टेशन चालू करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

अपूर्वा नायक

Hinjewadi Shivajinagar Metro delay: पुणे की महत्वाकांक्षी माण-हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो परियोजना की धीमी प्रगति ने अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की चिंता बढ़ा दी है।

परियोजना में लगातार हो रही देरी को देखते हुए CMO ने कड़ा हस्तक्षेप करते हुए ‘पुणे आईटी सिटी मेट्रो’ (PITC) कंपनी को 31 मार्च तक कम से कम 12 स्टेशनों को कार्यान्वित करने का अल्टीमेटम दिया है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा का पालन नहीं किया गया, तो प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर सकता है।

मार्च 2026 तक बढ़ी डेडलाइन

हजारों आईटी कर्मचारियों के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली इस मेट्रो परियोजना को पहले मार्च 2025 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, अब इसकी नई डेडलाइन बढ़ाकर मार्च 2026 कर दी गई है। परियोजना में देरी के पीछे पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) और PITC के बीच समन्वय की कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

अधूरे सिविल कार्य बने बाधा

विशेष रूप से शिवाजीनगर खंड में सिविल कार्य अधूरे हैं। कई स्टेशनों पर सीढ़ियां, एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे मेट्रो संचालन शुरू करने में अड़चन आ रही है। CMO ने 31 मार्च तक कम से कम 12 स्टेशनों को शुरू करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि आंशिक रूप से ही सही, सेवा शुरू की जा सके।

केंद्र और राज्य के बीच अलग संकेत

इसी बीच केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल की हालिया बैठक में अप्रैल तक मेट्रो शुरू करने की संभावना जताई गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि परियोजना को जल्द से जल्द पटरी पर लाने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है।

आईटी कर्मचारियों को राहत की उम्मीद

हिंजवडी आईटी पार्क क्षेत्र में कार्यरत हजारों कर्मचारी इस परियोजना के पूरा होने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। मेट्रो शुरू होने से सड़क यातायात का दबाव कम होने और यात्रा समय में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अब देखना यह है कि PITC कंपनी तय समयसीमा के भीतर 12 स्टेशनों को चालू कर पाती है या नहीं। यदि लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तो प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था अपनाए जाने की संभावना से परियोजना के भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो सकती हैं।

Cyber Fraud: ऑनलाइन स्कैम के बाद कैसे बचाएं पैसे? 1930 पर कॉल से लेकर ऑनलाइन शिकायत तक जानें जरूरी बातें

राहुल गांधी को री-लॉन्च करने के चक्कर में हो रहा पार्टी का नुकसान, कांग्रेस पर बरसे संजय निरुपम

युवाओं को विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा, राही मासूम रजा की जन्म शताब्दी पर बोले LG मनोज सिन्हा

महाराष्ट्र के येवला से बांग्लादेश पहुंचा शीरे का माल, मध्य रेल को मिला 1.11 करोड़ रुपये का राजस्व

जामिया में छात्र संघ चुनाव को लेकर क्यों गरमाया माहौल? विरोध के बाद ऑफलाइन पढ़ाई ठप, ऑनलाइन क्लास शुरू