Congress Demands Devendra Fadnavis Resignation: महाराष्ट्र के पुणे के पिंपरी चिंचवड में जहरीली शराब पीने से अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। इस भयानक त्रासदी ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर महायुति सरकार के गैर-जिम्मेदाराना शासन का नतीजा बताते हुए प्रशासनिक हत्या करार दिया है। कांग्रेस ने इस घटना के लिए राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
पुणे में 18 लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने पूछा कि पुलिस और आबकारी विभाग की नाक के नीचे यह अवैध धंधा कैसे फल-फूल रहा था। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया के जरिए राज्य की महायुति सरकार पर जमकर हमला बोला है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पुणे में जहरीली शराब के कारण 18 नागरिकों की मौत एक बेहद शर्मनाक घटना है। यह महायुति सरकार के गैर-जिम्मेदाराना शासन का सीधा नतीजा है, जिसे प्रशासनिक हत्या से कम नहीं कहा जा सकता। पुलिस और आबकारी विभाग की भ्रष्ट मिलीभगत के बिना ऐसी ज़हरीली शराब का इतनी बेखौफ होकर बिकना नामुमकिन है। यह पूरी तरह से वसूली रैकेट और ढीले प्रशासन के कारण ही है कि आज 18 परिवार तबाह हो गए हैं।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस भयानक त्रासदी की सीधी और नैतिक जिम्मेदारी राज्य के गृह मंत्री की है। गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस केवल राजनीतिक दांव-पेच और अपनी कुर्सी बचाने में ही व्यस्त रहते हैं, इसलिए गृह विभाग पर उनकी पकड़ पूरी तरह से ढीली पड़ गई है। जो कभी अपराधियों को कुचलने के खोखले दावे किया करते थे अब प्रशासन के भीतर कोई अधिकार या खौफ नहीं रखते।
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कांग्रेस ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को इन बेकसूर लोगों की मौत की ज़िम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और तुरंत गृह मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। क्योंकि जो व्यक्ति जनता की जान की रक्षा करने में असमर्थ है, उसे गृह मंत्री की कुर्सी पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।