Pune Police Drugs Crackdown: पुणे में ड्रग्स और उनके तस्करों के खिलाफ पुणे पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' कर व्यापक अभियान चलाया है। चालू वर्ष में पुलिस ने 162 मामले दर्ज कर 283 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 11.28 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ और अन्य सामान जब्त किए गए हैं। पुलिस ने अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ मकोका और एनडीपीएस जैसे कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की है।
इसके साथ ही, नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को इलाज और पुनर्वास का मौका देने के लिए एक नया मॉडल भी पेश किया गया है। बढ़ते शहरीकरण, आईटी क्षेत्र के विस्तार और बड़ी संख्या में आने वाले छात्रों के कारण पुणे को ड्रग्स तस्कर निशाना बना रहे हैं।
इसे देखते हुए पुणे पुलिस ने चार-स्तरीय रणनीति अपनाई हैः आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना, वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करना, पीड़ितों का इलाज और जन जागरूकता। इस अभियान की खास बात यह है कि नशे के शिकार लोगों को अपराधी न मानकर उपचार का अवसर दिया जा रहा है।
नांदेड सिटी पुलिस थाने के एक मामले में आरोपी की इच्छा पर अदालत ने उसे एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64(ए) के तहत नशामुक्ति केंद्र भेजने का आदेश दिया। पुणे में अपनी तरह की यह पहली कार्रवाई है, जो राज्य के लिए भी एक नई दिशा तय कर सकती है। इसके अलावा, नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े 138 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 'कैंपस कनेक्ट' पहल के तहत 104 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों को सतर्क किया गया है।
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पुणे शहर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बाताया की नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुणे पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी। ड्रग माफियाओं पर कठोर कार्रवाई चलती रहेगी। लेकिन नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास का मौका देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।