PMC Schools FLN Assessment Pune: पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) के स्कूलों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर 2026 में किए गए 'मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान' (एफएलएन) मूल्यांकन से चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। महापालिका स्कूलों के करीब 29 प्रतिशत विद्यार्थी अभी भी अपेक्षित वाचन स्तर से पीछे हैं। वहीं केवल 70.1% विद्यार्थी ही पढ़ने के मामले में 'निपुण' स्तर हासिल कर पाए हैं।
इससे विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और खासकर पढ़ने की क्षमता पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। मूल्यांकन के अनुसार लेखन कौशल में भी विद्यार्थियों की स्थिति बहुत बेहतर नहीं है। 27.9% विद्यार्थी अपेक्षित स्तर से नीचे पाए गए, जबकि 71।4% विद्यार्थी लेखन में 'निपुण' स्तर पर हैं।
भाषा संबंधी कौशलों की तुलना में गणित में विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। संख्या ज्ञान में 83.3% विद्यार्थी निपुण पाए गए, जबकि 16.7% विद्यार्थी पीछे हैं। इसी तरह संख्या क्रिया में 80% विद्यार्थी निपुण हैं और 20.1% विद्यार्थी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं। इस तरह गणित के मुकाबले भाषा कौशल में विद्यार्थियों को अधिक सहायता की आवश्यकता है।
मूल्यांकन के बाद प्रशासन ने अगले चरण में एफएलएन के तहत साक्षरता पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता जताई है। इसमें भी वाचन यानी पढ़ने की क्षमता को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है। साथ ही गणित में विद्यार्थियों ने जो प्रगति हासिल की है, उसे बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। महापालिका की अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने कहा कि विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार के लिए प्रशासन ने स्कूल स्तर पर काम शरू कर दिया है।
मनपा की अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने कहा कि महापालिका के करीब 320 स्कूलों में से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को अलग रखते हुए मराठी माध्यम के स्कूलों का यह आंकड़ा है। उन्होंने बताया कि करीब 30 प्रतिशत विद्यार्थी जो अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं, उनकी स्कूलवार जानकारी जुटाई जा रही है।
सभी सहायक प्रशासन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में देखें कि ये 30 प्रतिशत विद्यार्थी किन स्कूलों में हैं और उन्हें किस तरह की अतिरिक्त मदद की जरूरत है। जरूरत पड़ने पर शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
'निपुण' मूल्यांकन के आंकड़ों के साथ महापालिका के शिक्षा विभाग की डेटा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए है। उपलब्ध रिपोर्ट केवल 224 स्कूलों के आंकड़ों पर आधारित है।
मनपा के 55 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों और एक सीबीएसई स्कूल में निपुण' मूल्यांकन लागू ही नहीं किया गया। इसके अलावा 40 स्कूलों को अब तक लॉगिन आईडी उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका डेटा भी प्राप्त नहीं हो सका है। इससे मनपा के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक आकलन संभव नहीं है।
पवनीत कौर ने महापालिका स्कूलों के प्रदर्शन की तुलना जिला परिषद स्कूलों से करते हुए कहा कि पुणे जिला परिषद के स्कूलों में यह स्तर करीब 80 प्रतिशत है, जबकि मनपा स्कूलों का आंकड़ा करीब 70 प्रतिशत है। उनके अनुसार, तुलना में महापालिका की स्थिति अच्छी है। हालांकि, करीब 30 फीसदी विद्यार्थियों का पढ़ने-लेखन के अपेक्षित स्तर से पीछे रहना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।