गड्ढों की शिकायत प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)  
पुणे

पुणे में गड्ढों की शिकायत करने वाला 'रोड मित्र' ऐप महीनों से बंद; बदहाल सड़कों से जनता परेशान, PMC पर उठे सवाल

Pune Pothole Complaint: पुणे में बारिश थमने के बाद भी सड़कों की मरम्मत सुस्त है। गड्ढों की शिकायत के लिए बना मनपा का 'रोड मित्र' ऐप मार्च से बंद होने के कारण नागरिकों में भारी नाराजगी है।

रूपम सिंह

Pune Pothole Complaint Road Mitra App: पुणे शहर में बारिश का जोर फिलहाल कम होने के बावजूद सड़कों की मरम्मत का काम अपेक्षित गति से शुरू नहीं हो पाया है। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख और आंतरिक सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना कम जताई है। ऐसे में नागरिकों को उम्मीद थी कि पुणे महानगरपालिका सड़क मरम्मत अभियान तेज करेगी, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि सड़कों के गड्डों की शिकायत दर्ज कराने के लिए मनपा द्वारा शुरू किया गया 'रोड मित्र' ऐप भी पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। शिकायत दर्ज करने का यह प्रमुख माध्यम उपलब्ध नहीं होने से नागरिकों के सामने अपनी समस्या प्रशास तक पहुंचाने का भी संकट खड़ा हो गया है।

स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने निर्देश दिए थे कि नागरिक सड़क के गड्डों की शिकायत 'रोड मित्र' ऐप के माध्यम से दर्ज करें और यदि 72 घंटे के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी,

आयुक्त ने दिया था आश्वासन

हालांकि, जिस ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था बनाई गई थी, वही ऐप बंद होने के कारण इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं नागरिकों का कहना है कि रोड मित्र ऐप बंद होने के बाद आखिर अब हम गड्ढों की शिकायत कहां पर करें।

जानकारी के अनुसार, मार्च महीने से यह ऐप तकनीकी कारणों से बंद है। उस समय महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने आश्वासन दिया था कि तकनीकी दिक्कतों को दूर करजल्द ही ऐप को दोबारा शुरू किया जाएगा। लेकिन जुलाई का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद यह सेवा अभी तक बहाल नहीं हो सकी है।

नागरिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और लोग सवाल उठा रहे है कि आखिर नगर प्रशासन इस समस्या को लेकर कितना गंभीर है। नागरिकों का कहना है कि शहर के अनेक इलाकों में सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। बारिश के बाद बने गड्डों के कारण दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे है। कई स्थानों पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। बावजूद इसके सड़क मरम्मत कार्य में अपेक्षित तेजी दिखाई नहीं दे रही है।

हर वर्ष नागरिकों को होती है दिक्कत

  • एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी है कि 'रोड मित्र' ऐप बंद होने के बाद महानगरपालिका ने शिकायत दर्ज कराने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की है।
  • ऐसे में नागरिकों को यह भी समझ नहीं आ रहा कि वे सड़क के गड्डों की शिकायत आखिर किस माध्यम से करें परिणामस्वरूप कई समस्याएं प्रशासन तक पहुंच ही नहीं पा रही हैं और जिन स्थानों पर गड्ढे हैं, वे लंबे समय तक वैसे ही बने हुए हैं।
  • शहर में मानसून के दौरान हर वर्ष सड़कें और गड्डों का मुद्दा प्रमुख बनता है। इस बार भी शुरुआती बारिश के बाद अनेक मार्गों की हालत खराब हो गई है।
  • अब जबकि मौसम कुछ दिनों के लिए अनुकूल माना जा रहा है, नागरिकों की मांग है कि महानगरपालिका तत्काल सड़क मरम्मत अभियान शुरू करे और बंद पड़े शिकायत निवारण तंत्र को भी शीघ्र चालू करे, ताकि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।
  • अब नागरिकों की निगाहें महानगरपालिका के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि सड़क मरम्मत कार्य में तेजी नहीं लाई गई और शिकायत दर्ज करने की ऑनलाइन व्यवस्था शीघ्र बहाल नहीं हुई, तो बरसात के मौसम में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती है।

पुणे महानगरपालिका अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे ने बाताया की कुछ तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई है। संबंधित तकनीकी टीम उस शुरू कर दी जाएगी। पर काम कर रही है और जल्द ही 'रोड मित्र' ऐप की सेवा दोबारा

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