Pune Municipal Corporation General Body Meeting: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) की जनरल बॉडी बैठक में मंगलवार को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर भारी राजनीतिक हंगामा हुआ। इस दौरान सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस द्वारा लाया गया स्थगन प्रस्ताव भाजपा ने बहुमत के बल पर खारिज कर दिया, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सत्ता पक्ष को भारी असहजता और फजीहत का सामना करना पड़ा।
इस हंगामे की शुरुआत बैठक के पहले सत्र से ही हो गई थी। सुबह करीब 11 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो सत्तारूढ़ भाजपा के नगरसेवकों की संख्या बेहद कम थी। भाजपा के कुल 121 नगरसेवकों में से केवल 21 सदस्य ही सदन में उपस्थित थे। इसके कारण कोरम पूरा होने को लेकर असमंजस पैदा हो गया। खुद महापौर मंजुषा नागपुरे भी सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर सदन पहुंचीं। आवश्यक संख्या बल न होने के कारण बैठक को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा और दोपहर 12 बजे इसे दोबारा शुरू किया गया।
बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के दल नेता चंदु शेठ कदम ने अयोध्या राम मंदिर में हुई कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कांग्रेस के प्रशांत जगताप ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सत्ता पक्ष को चौतरफा घेरने की कोशिश की। विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए महापौर ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की अनुमति नहीं दी और सीधे मतदान कराने का निर्णय लिया।
भाजपा ने बहुमत का इस्तेमाल किया, जिससे प्रस्ताव के विरोध में 31 वोट पड़े, जबकि समर्थन में केवल 4 मत मिले। राकांपा के दो पार्षद इस दौरान तटस्थ रहे, जिससे कांग्रेस का प्रस्ताव खारिज हो गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद भाजपा के अन्य नगरसेवक सदन पहुंचे, जिस पर वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें फटकार लगाई।