PMC Anandwan Foundation Initiative: पुणे महानगरपालिका (PMC) और आनंदवन फाउंडेशन ने शहर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और पुनरोपण का संयुक्त उपक्रम शुरू किया है। इसके तहत पुणे में 6,500 नए पेड़ लगाए जाएंगे, जबकि 500 मौजूदा पेड़ों का पुनरोपण किया जाएगा।
इसके लिए येवलेवाड़ी स्थित सर्वे नंबर 18 की करीब 7 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई है। इस फैसले से कोथरूड में प्रस्तावित ग. अ. कुलकर्णी पथ से कर्वे पुतला डीपी रोड जोड़ने की परियोजना से जुड़ी पर्यावरणीय प्रक्रिया को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
आनंदवन फाउंडेशन ने अपनी देखरेख वाली जमीन पर वृक्षारोपण और पुनरोपण के लिए पीएमसी को सहमति दी है। पौधों और पुनरोपित पेड़ों की देखभाल एवं संवर्धन की जिम्मेदारी पुणे महानगरपालिका की होगी। सहमति पत्र की प्रति पुणे के उपवनसंरक्षक को भी भेजी गई है। कोथरूड में पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर पुनर्विकास हुआ है।
इसके चलते आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ी है। मौजूदा आंतरिक सड़कों पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए ग। अ। कुलकर्णी पथ से कर्वे पुतला तक नई सड़क कनेक्टिविटी प्रस्तावित है। इस सड़क के निर्माण में करीब 462 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से पुनरोपण योग्य पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि निर्धारित 7 हेक्टेयर क्षेत्र में नए पेड़ लगाए जाएंगे।
पुणे महानगरपालिका पथ विभाग के अधिकारी राजेश बनकर ने बताया कि प्रस्तावित सड़क का उद्देश्य कोथरूड के आंतरिक यातायात को बेहतर करना और मौजूदा सड़कों व चौकों पर दबाव कम करना है। नई सड़क से स्थानीय यातायात को अलग-अलग मार्गों पर बांटने और ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ बेहतर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शहर के विकास के साथ बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है। वृक्षारोपण और पुनरोपण के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर आनंदवन फाउंडेशन का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के बाद उनकी दीर्घकालीन देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है और इसकी जिम्मेदारी पीएमसी निभाएगी।
आनंदवन फाउंडेशन के संस्थापक सचिव भूपेश शर्मा ने कहा कि वृक्षारोपण और पुनरोपण के लिए जमीन उपलब्ध कराने से पुणे के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी। उचित देखभाल के जरिए इस उपक्रम को दीर्घकालीन और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रस्तावित सड़क पुणे शहर की विस्तार ले रही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए भी पूरक साबित हो सकती है। इसमें नल स्टॉप से वारजे और माणिकबाग तक प्रस्तावित पुणे मेट्रो के नए 4ए विस्तार का भी समावेश है।
नवभारत लाइव के लिये समीर सय्यद की रिपोर्ट