पिंपरी वाघेरे में जलसंकट प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
पुणे

पुणे के पिंपरी-के म्हाडा टॉवर्स में भीषण जल संकट, 90 लीटर की जगह मिल रहा केवल 35 लीटर पानी, लोग परेशान

Pimpri Waghere Residents News: पुणे के पिंपरी-वाघेरे के म्हाडा टॉवर्स के 935 फ्लैटों के 4,675 लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। एक महीने से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं मिल पाया है।

आकाश मसने

Pimpri Waghere MHADA Water Crisis News: पुणे जिले पिंपरी चिंचवड़ मनपा के पिंपरी-वाघेरे स्थित म्हाडा टॉवर्स के 935 फ्लैटों में रहने वाले लगभग 4,675 नागरिकों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यकता की तुलना में नाममात्र की जलापूर्ति होने के कारण निवासियों को पीने के पानी, खाना पकाने और दैनिक स्वच्छता के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

पिंपरी चिंचवड़ मनपा और म्हाडा प्रशासन द्वारा लगातार पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से निवासियों का गुस्सा भड़क गया है। भारी बारिश के बावजूद जल संकट कारण लोगों में मनपा और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ असंतोष है।

औसतन 35 लीटर पानी ही मिल पा रहा म्हाडा

पिंपरी-वाघेरे स्थित म्हाडा सोसाइटी में कुल 11 टॉवर हैं और प्रत्येक टॉवर में लगभग 85 फ्लैट हैं। सामान्य नियमों और मानकों के अनुसार, प्रति व्यक्ति रोजाना 90 लीटर पानी मिलना चाहिए, लेकिन तय मानक के मुकाबले यहां निवासियों को औसतन केवल 35 लीटर पानी ही मिल पा रहा है।

इस हिसाब से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 55 लीटर पानी की सीधी किल्लत हो रही है। दो दिनों के लिए 11 टॉवरों की कुल आवश्यकता 8.41 लाख लीटर है, लेकिन वास्तविक आपूर्ति इससे बेहद कम है।

महीने से कर रहे हैं शिकायत

पानी की समस्या को लेकर सोसायटी के लोगों पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका और म्हाडा प्रशासन के साथ महीने भर पत्राचार किया। बावजूद इसके अब तक कोई समाधान न निकलने पर निवासियों ने कहा कि उन्हें कागजी आंकड़े या जलापूर्ति का प्रतिशत नहीं चाहिए, बल्कि नल में प्रत्यक्ष रूप से पर्याप्त पानी चाहिए।

पिंपरी-वाघेरे स्थित म्हाडा सोसाइटी के निवासियों ने पिंपरी चिंचवड़ मनपा और म्हाडा से जलापूर्ति की जिम्मेदारी तय कर तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

पुणे में भारी बारिश से भरे बांध

बता दें कि पिछले दिनों पुणे जिले में हुई मूसलाधार बारिश से जल संकट की चिंता दूर हो गई है। शहर की जीवन रेखा पवना बांध का जलस्तर 80 प्रतिशत के पार पहुंचते ही पेयजल आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित हो गई है। साथ ही वरसगांव, मुलशी और खड़कवासला जैसे प्रमुख जलाशयों में भी जल संचय तेजी से सुधार हो रहा है। बावजूद इसके पिंपरी-वाघेरे स्थित म्हाडा सोसाइटी के निवासियों को राहत नहीं मिली है।

पवना बांध में में 6.82 TMC पानी जमा

जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पवना बांध में वर्तमान में 193.27 मिलियन घन मीटर (6.82 टीएमसी) उपयोगी जलसंग्रह उपलब्ध हो चुका है। यह मात्रा बांध की कुल भंडारण क्षमता का 80.29 प्रतिशत है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आने वाले कई महीनों के लिए पिंपरी-चिंचवड़ शहर की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित हो गई है। संतोषजनक बात यह भी है कि जलस्तर बेहतर होने के बावजूद फिलहाल बांध से अतिरिक्त पानी का विसर्ग नहीं किया जा रहा है।

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