Pune SRA Housing Redevelopment Rules: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) की योजनाओं को नई गति मिल गई है। प्राधिकरण ने अगले तीन वर्षों में 51 हजार पुनर्वास फ्लैट तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में दोनों शहरों के विभिन्न हिस्सों में 87 परियोजनाओं पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं, मंजूरी मिलने के बावजूद वर्षों से काम शुरू नहीं करने वाले 10 डेवलपर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन परियोजनाओं को दूसरे डेवलपर्स को सौंपा जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, पुणे की 486 झुग्गियों में करीब 1।65 लाख और पिंपरी-चिंचवड की 71 झुग्गियों में 35 हजार से अधिक परिवार रहते हैं। इन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार एसआरए
अब तक प्राप्त 378 प्रस्तावों में से 71 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इनके माध्यम से 13 हजार से अधिक फ्लैट बनाकर लगभग 60 हजार नागरिकों का पुनर्वास किया जा चुका है। वर्तमान में सदाशिव पेठ, गणेश पेठ, पर्वती, कोथरूड और हडपसर में 16 मंजिला तक की इमारतों का निर्माण जारी है। एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
सतीशकुमार खडके ने बताया कि 180 स्वीकृत योजनाओं में से 87 सक्रिय परियोजनाओं के माध्यम से जल्द 33 हजार से अधिक फ्लैट तैयार होंगे। योजना चला रही है। हाल ही में नियमों में किए गए बदलावों से लंबे समय से अटकी परियोजनाओं को गति मिली है।
आंकड़ों के मुताबिक, पुणे शहर की 486 झुग्गियों में लगभग 1.65 लाख परिवार, जबकि पिंपरी-चिंचवड़ की 71 झुग्गियों में 35 हजार से अधिक परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त स्थायी आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार एसआरए के माध्यम से पुनर्वास योजना संचालित कर रही है। हाल ही में नियमों में किए गए बदलावों से लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को भी गति मिली है।
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एसआरए के अनुसार अब तक प्राप्त 378 प्रस्तावों में से 71 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इनके माध्यम से 13 हजार से अधिक पुनर्वास फ्लैट तैयार किए गए हैं और करीब 60 हजार नागरिकों का पुनर्वास किया जा चुका है। वर्तमान में सदाशिव पेठ, गणेश पेठ, पर्वती, कोथरूड और हडपसर सहित कई क्षेत्रों में 16 मंजिला तक की इमारतों का निर्माण तेज़ी से चल रहा है।
एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीशकुमार खडके ने बताया कि स्वीकृत 180 योजनाओं में से 87 सक्रिय परियोजनाओं के तहत जल्द ही 33 हजार से अधिक पुनर्वास फ्लैट तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का उद्देश्य पात्र परिवारों को समयबद्ध तरीके से सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराना है, जिससे शहरी क्षेत्रों में झुग्गियों के पुनर्विकास को नई गति मिलेगी।