Pimpri Chinchwad Moshi Building Collapse Updates: महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है। पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) के मोशी कचरा डिपो इलाके में बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक तीन मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पिछले 3-4 दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मलबे से अब तक 9 लोगों को सुरक्षित जिंदा बाहर निकाला जा चुका है, जबकि राहत और बचाव कार्य के दौरान एक शव बरामद किया गया है। इस हादसे में यह पहली आधिकारिक मौत है।
NDRF, सेना, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर मौजूद हैं। बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। NDRF की टीम स्निफर डॉग्स के साथ मिलकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए खोज और बचाव अभियान चला रही है।
पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी में इमारत गिरने की घटना पर PCMC के फायर ऑफिसर दिलीप गायकवाड़ ने कहा कि कल रात से ही हालात मुश्किल रहे हैं, जैसा कि आपने और दूसरे मीडियाकर्मियों ने देखा है। हमें 17 लोगों की तलाश करने के लिए एक लिस्ट मिली थी। कल रात तक हमने उनमें से 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। जिन लोगों ने हमारी आवाज का जवाब दिया, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जिन्होंने जवाब नहीं दिया, उनका अभी तक पता नहीं चल पाया है और तलाशी अभियान जारी है।
पिंपरी-चिंचवड़ के मेयर रवि लांडगे ने कहा कि शहर में भारी बारिश की वजह से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग हादसे के समय ऑफिस के 16 कर्मचारी वहां खाना खा रहे थे। इसमें से दो लोग बाहर निकलने में कामयाब रहे। बाकी लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। फायर ब्रिगेड, NDRF की टीम, पुलिस और स्वास्थ्य व पर्यावरण विभाग उन्हें बाहर निकालने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
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पिछले 3-4 दिन से जारी मूसलाधार बारिश के कारण पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना के समीप स्थित कचरे का एक विशाल पहाड़ अचानक ढह गया. बारिश का पानी सोखने के कारण अत्यधिक भारी हो चुके हजारों टन कचरे के मलबे ने सीधे एंटनी लॉरा कंपनी की नई 3 मंजिला प्रशासनिक इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह पलभर में जमींदोज हो गई। हादसे के समय वहां 23 मजदूर मौजूद थे।