पुणे में बाढ़ का कहर: गुरुकुल के 300 छात्रों समेत 1,500 लोगों और 750 मवेशियों को सुरक्षित निकाला गया

Pune Floods News: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। PCMC और PMRDA ने गुरुकुल के 300 छात्रों व 750 मवेशियों समेत 1500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।
Heavy rains trigger severe flooding in Pune & Pimpri-Chinchwad. PCMC and PMRDA teams rescued over 1,500 citizens, including 300 students from a local Gurukul
मूसलाधार बारिश (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pune Heavy Rain Updates: पुणे जिले और पिंपरी-चिंचवड़ शहर में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी गंभीर आपदा खड़ी हो गई है। पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका (पीसीएमसी), महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) का अग्निशमन दल और पुणे महानगर आपदा प्रतिक्रिया दल (पीडीआरएफ) स्थानीय जन प्रतिनिधियों व सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर राहत कार्य में जुटे हैं।

25 निचले इलाकों में भरा पानी

अतिवृष्टि के कारण थेरगांव, चिंचवड़, रहाटणी, केशवनगर, चिखली और भोसरी सहित करीब 25 निचले इलाकों में पानी भर गया। अग्निशमन दल के जवानों ने दिन-रात काम करते हुए नावों की मदद से लगभग 1,500 नागरिकों को सुरक्षित निकाला। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों के 5,000 से अधिक लोगों को मनपा स्कूलों के अस्थाई राहत शिविरों में भेजा गया है, जहाँ भोजन और चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।

300 छात्रों और बेजुबानों का रेस्क्यू

चिंचवड़गांव में पद्मश्री गिरीश प्रभुणे के मार्गदर्शन में संचालित 'पुनरुत्थान समरसता गुरुकुलम' में बाढ़ का पानी घुसने से बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी। पुणे मनपा की टीम ने 300 विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला। गुरुकुल की गौशाला से 200 से अधिक गायों सहित पूरे शहर से कुल 750 मवेशियों को भी बाढ़ से बचाया गया। इस अभियान में उप-अग्निशमन अधिकारी अनिल टिंबले, दिलीप गायकवाड़ और नियंत्रण कक्ष की महिला कर्मियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।

लोनावला में भारी नुकसा

लोनावला और मावल क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। लोनावला के 'ग्रीन लैंड विला' से दो बुजुर्गों और कार्ला की 'माउंट वेस्ट क्रिस्टा सोसायटी' से 21 लोगों को लाइफ जैकेट व रस्सियों के सहारे बचाया गया। मलवली और वाकसाई के विला परिसरों से करीब 69 लोगों का रेस्क्यू किया गया।

उधर, लोहगांव के आदर्श नगर में पानी में फंसी बस से 12 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। खेड के शेलू से एक शव बरामद हुआ है, जबकि लोनावला के पास हुए भूस्खलन के मलबे में दबे लोगों के लिए खोज अभियान जारी है। बांधों से पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने बाताया की भारी बारिश को देखते हुए पीएमआरडीए का अग्निशमन दल और पीडीआरएफ के जवान पूरी तत्परता के साथ काम कर रहे है। नागरिकों के जीवन की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी प्रणाली चौबीसों घंटे मुस्तैद है। नागरिक सतर्क रहें और प्रशासन का सहयोग करें।

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