मोशी कचरा डिपो हादसा: भारी बारिश से ढहा कचरे का पहाड़, मलबे में दबे 23 लोग, बचाव कार्य जारी

Maharashtra Rain Tragedy: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी डिपो में कचरा ढहने से इमारत ढही, रेस्क्यू में जुटी सेना। सातारा के फलटण में करंट से 5 की मौत। नासिक और वसई-विरार में बाढ़ से जनजीवन ठप।
A landslide at Moshi dump collapses a building in PCMC; Army called for rescue. Electrocution kills 5 in Satara, while floods devastate Nashik and Vasai-Virar
करंट से 5 की मौत, प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Rain Upadte: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के मोशी कचरा डिपो में बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक भीषण हादसा हुआ। पिछले 3-4 दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना के समीप स्थित कचरे का एक विशाल पहाड़ अचानक ढह गया। बारिश का पानी सोखने के कारण अत्यधिक भारी हो चुके हजारों टन कचरे के मलबे ने सीधे एंटनी लॉरा कंपनी की नई 3 मंजिला प्रशासनिक इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह पलभर में जमींदोज हो गई। हादसे के समय वहां 23 मजदूर मौजूद थे, जिनमें से 11 को बचा लिया गया। समाचार लिखे जाने तक शेष फंसे 12 मजदूरों में से 3 से संपर्क हो गया था। मंत्री गिरीश महाजन ने यह जानकारी दी।

रेस्क्यू के लिए सेना को बुलाया गया

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग के साथ एनडीआरएफ की टीम पहुंची। भारी मात्रा में कचरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सेना को भी बुलाया गया, हादसे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मनपा प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कड़ी आलोचना की और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई व उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

करंट ने परिवार के 4 की ली जान

सातारा जिले की फलटण तहसील में बुधवार को करंट लगने की 2 अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। राजुरी और खामगांव में कुछ घंटों के अंतराल में हुए इन हादसों ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। इनमें खामगांव में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया।

पहली घटना सुबह करीब 8 बजे राजुरी गांव में हुई। सतीश बाबूराव निकम मवेशियों के लिए चारा काटने की मशीन चला रहे थे। इसी दौरान मशीन में शॉर्ट सर्किट होने से करंट प्रवाहित हो गया। करंट लगने से वह मौके पर गिर पड़े। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने किसान को - मृत घोषित कर दिया।

बचाने की कोशिश में पूरा परिवार खत्म

दूसरी और अधिक हृदय विदारक घटना खामगांव में हुई। घर के बाहर बिजली के तार में करंट आने से सबसे पहले सतीश उर्फ पिसुरड्‌या किसन शिंदे इसकी चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के लिए उनकी पत्नी गंगुबाई, बेटा सचिन और बेटी आरती एक-एक कर आगे बढ़े, लेकिन चारों करंट की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। एक साथ चार अर्थियां उठने से पूरे गांव में मातम छा गया। सूचना मिलते ही फलटण ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

नासिक में बाढ़ से हाहाकार, वसई विरार पर महासंकट

नासिक जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। गोदावरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के जलस्तर का पारंपरिक संकेत माने जाने वाले 'दुतोंड्या मारुति' मंदिर की प्रतिमा के घुटनों तक पानी पहुंच गया, त्र्यंबकेश्वर के दो गांवों को जोड़ने वाला पुल और सड़कें बह गई हैं।

उधर, मुंबई में पालघर जिले के वसई विरार क्षेत्र में धुआंधार बारिश के कारण शहर लगातार तीसरे दिन जलमग्न रहा और निचले इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है। कई इलाकों में तीन दिनों से बिजली आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क सेवाएं पूरी तरह बंद हैं, जिससे नागरिकों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।

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