पिंपरी-चिंचवड़ में अवैध केबलों का जाल, हादसे में एक महिला की जान जा चुकी।
शहर के 1.14 लाख बिजली खंभों पर लटक रहे केबल, नागरिकों की सुरक्षा खतरे में।
500 केबल संचालकों पर कार्रवाई अटकी, आचार संहिता के बाद बनेगी योजना।
Pimpri Chinchwad Hanging Cables: पिंपरी-चिंचवड़ शहर की सड़कों, चौराहों और बिजली के खंभों पर बेतरतीब ढंग से फैला अनधिकृत केबलों का जाल अब नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
शहर के महामागों से लेकर आंतरिक रास्तों और फुटपाथों तक सिर की ऊंचाई पर लटकती ये केबल हादसों को दावत दे रही हैं। हालांकि, बार-बार चेतावनी और सार्वजनिक नोटिस जारी करने के बावजूद केबल संचालकों की मनमानी के आगे मनपा प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है।
शहर में इंटरनेट, टीवी केबल और डीटीएच सेवा देने वाले करीब 500 छोटे-बड़े संचालक सक्रिय हैं, जिन्होंने खुलेआम ओवरहेड केबल बिछा रखी हैं। कुछ समय पहले निगड़ी प्राधिकरण क्षेत्र में लटकती केबल के कारण हुए एक दर्दनाक हादसे में एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस दुखद घटना के बावजूद मनपा प्रशासन की नींद नहीं खुली है।
हैरानी की बात यह है कि अधिकारी अब यह तर्क देकर कार्रवाई से बच रहे हैं कि केबल काटने से इंटरनेट सेवाएं बाधित होंगी और नागरिकों को असुविधा होगी। प्रशासन का यह ढुलमुल रवैया उनकी गंभीर लाचारी और उदासीनता को उजागर करता है।
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के शहर भर में कुल 1,14,462 बिजली के खंभे हैं, जिनमें से अधिकांश पर अवैध केबलों का मकड़जाल बिछा हुआ है। इससे न केवल शहर की सुंदरता बिगड़ रही है, बल्कि बिजली की विद्युत व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए बनाए गए अंडरग्राउंड डक्ट का इस्तेमाल करने के बजाय संचालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
मनपा द्वारा विधिवत अनुमति लेने के लिए जारी तीन-तीन सार्वजनिक नोटिसों पर केवल एक संचालक ने प्रतिक्रिया दी, जिससे स्पष्ट होता है कि शहर में फैला केबलों का पूरा ढांचा अवैध है। तारों के फैले अवैध जाल से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हवा चलने पर पेड़ों में उलझी केबल टूटकर सड़कों पर गिर जाती है। जिससे पैदल चलने वालों, वरिष्ठ नागरिकों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर पल दुर्घटना का डर बना रहता है। स्थानीय नगरसेवक अमित गावडे ने प्रशासन को घेरते हुए कहा कि लटकते तारों की समस्या बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद होना चाहिए और इन अनधिकृत केबलों को तुरंत हटाया जाना चाहिए। वहीं, मनपा के सहशहर अभियंता महेश कावले का कहना है कि केबल संचालकों की बैठक बेनतीजा रहने के बाद अब आचार संहिता समाप्त होने पर कार्रवाई की कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?