Pimpri Chinchwad Underground Chamber Accident: महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। पिंपरी-चिंचवड़ स्थित निगडी प्राधिकरण के एक अंडरग्राउंड चैंबर में फंसने के बाद दम घुटने से दो युवा कर्मचारियों की मौत हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 26 अगस्त को पिंपरी-चिंचवड़ के निगडी प्राधिकरण इलाके में लोकमान्य अस्पताल के पास हुई। मृतकों की पहचान मनोज बाबूराव शिंदे (26) और अमोल अशोक शिंदे (20) के रूप में हुई है। दोनों हिंगोली के रहने वाले थे।
बताया जा रहा है कि लोकमान्य अस्पताल के पास बुधवार रात को किसी काम के वजह से निगडी प्राधिकरण के दो कर्मचारी ड्रेनेज चैंबर में उतरे थे। इस दौरान दोनों वहां फंस गए। इसके बाद रात करीब 11:56 बजे फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम व पुलिस मौके पर पहुंची व बचाव कार्य शुरू किया।
फायर ब्रिगेट की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों को कर्मचािरयों को चैंबर से बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए YCM अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों कर्मचारियों को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे को लेकर पिंपरी-चिंचवड़ के फायर ऑफिसर विवेक पाटिल ने बताया कि हमें रात 11:56 बजे पुलिस API से निगडी प्राधिकरण के लोकमान्य अस्पताल में हुई एक घटना के बारे में कॉल मिली। दो लोग एक ड्रेनेज चैंबर में फंस गए थे; हमने तुरंत स्टेशन से अपनी गाड़ी भेजी। वहां पहुंचने पर, हमने पाया कि एक व्यक्ति चैंबर के अंदर फंसा हुआ था और फायर हुक और रस्सी की मदद से उसे बाहर निकाला।
विवेक पाटिल ने बताया कि इसके बाद हमने दूसरे व्यक्ति की तलाश की, जो नीचे पानी में फंसा हुआ था; हमने उसे भी बाहर निकाला और दोनों को पुलिस को सौंप दिया। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने दोनों कर्मचारियों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इंतजाम किया।
पिंपरी-चिंचवड़ के फायर ऑफिसर विवेक पाटिल के मुताबिक यह एक ड्रेनेज चैंबर था जिसमें कुछ वायरिंग थी। उन्होंने कहा कि दोनों की मौत किस वहज से हुई यह जांच के बाद पुलिस ही बता पाएगी।
बचाव दल में लीडिंग फायरमैन काशीनाथ ठाकरे, ड्राइवर सचिन सखारे, फायरमैन विवेक पाटिल, तेजस बिदवे, रूपेश बोरसे, सागर घुगे, प्रशिक्षु फायरमैन, उत्कर्ष डांगे, पवन जाधव, शिवप्रसाद जाधव शामिल थे।