Pune News In Hindi: महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के मुंढवा इलाके से सामने आए विवादित पार्थ पवार जमीन घोटाले की जांच कर रही खारगे समिति को एक बार फिर अतिरिक्त समय दे दिया है।
राज्य सरकार ने समिति के कार्यकाल में एक महीने का विस्तार मंजूर किया है। इससे पहले भी समिति को रिपोर्ट सौंपने के लिए समय-सीमा बढ़ाई जा चुकी है। लगातार मिल रहे विस्तार के चलते यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
यह उच्चस्तरीय समिति अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खारगे की अध्यक्षता में गठित की गई है। समिति को मुंढवा क्षेत्र में सरकारी जमीन के निजी सौदे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। समिति ने अब तक कई अहम दस्तावेजों की जांच की है, लेकिन जांच की व्यापकता को देखते हुए रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगा गया था, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
खारगे समिति को बार-बार मिल रहे विस्तार को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता विजय कुंभार ने आरोप लगाया है कि जांच में जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि प्रभावशाली लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो रिपोर्ट सौंपने में इतना समय क्यों लग रहा है।
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अब खारगे समिति को अगले एक महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है। इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि जमीन वास्तव में सरकारी है या नहीं, सौदे में किन नियमों का उल्लंघन हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई, एफआईआर या प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं।