Shikrapur Police Auto Gang Busted: पुणे सड़क पर अनजान गाड़ी या ऑटो में लिफ्ट लेना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी एक घटना पुणे-नगर महामार्ग पर देखने को मिली। हाइवे पर यात्रियों को झांसा देकर सूने इलाकों में लूटपाट करने वाले एक शातिर ऑटो गैंग का शिक्रापुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले की तेजी से जांच करते हुए ऑटो चालक और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से करीब 1 लाख 40 हजार रुपये मूल्य का कीमती सामान बरामद हुआ है।
यह पूरी वारदात बीती 8 अगस्त की है। मूल रूप से बिहार के वैशाली के रहने वाले 22 वर्षीय अंतर्यामी दासकुमार फिलहाल शिक्रापुर इलाके में रहते हैं। घटना वाले दिन वह सणसवाडी से पुणे-नगर मार्ग पर जाने के लिए एक ऑटो रिक्शा में सवार हुए थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वह आम सवारी गाड़ी समझ रहे हैं, वह लुटेरों का जाल है।
ऑटो जैसे ही हाईवे से आगे बढ़ा, चालक और उसके साथी ने गाड़ी को एक निर्जन और सुनसान इलाके की तरफ मोड़ दिया। सन्नाटा देखकर आरोपियों ने अपना असली रंग दिखाया। उन्होंने अंतर्यामी पर अचानक चाकू से हमला कर दिया और उनके गले से सोने का लॉकेट छीनने की कोशिश की। जब पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए इसका विरोध किया, तो हाथापाई के बीच आरोपी उनका कीमती मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद पीड़ित ने तुरंत शिक्रापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमें गठित कीं और घटनास्थल के आसपास के इलाकों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। पुलिस को तकनीकी जांच और अपने गुप्तचरों (मुखबिरों) से पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी कोरेगांव भीमा क्षेत्र में छिपे हुए हैं।
सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कोरेगांव भीमा परिसर में जाल बिछाकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय हर्षवर्धन उर्फ अजय अशोक फाजगे और 20 वर्षीय राहुल दिलीप फाजगे के रूप में हुई है।
पुलिस की कड़ी और पेशेवर पूछताछ के आगे दोनों ज्यादा देर टिक नहीं सके और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने हाईवे पर और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।