Rahul Gandhi Targets Maharashtra Govt: महाराष्ट्र के पुणे में छात्रों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू किया है। 'महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति' ने अपने इस आंदोलन को 'सत्याग्रह' के रूप में दर्ज कराया है।
छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए छात्रों का खुलकर समर्थन किया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बताया कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के छात्रों ने अपनी कई गंभीर समस्याएं उनके सामने रखी थीं। इनमें पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, महंगी पढ़ाई, बदहाल हॉस्टल, ज़हर जैसा खाना और DBT में धोखाधड़ी जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल थे। राहुल गांधी के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से MPSC में सुधार करने, परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी बनाने और इन बच्चों की बात सुनने का अनुरोध किया था।
हालांकि, सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण आखिरकार छात्रों को पुणे में सत्याग्रह पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि इन मांगों पर केवल खोखले आश्वासनों के बजाय ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
MPSC अध्यक्ष तुरंत इस्तीफ़ा दें और उनकी जगह किसी ईमानदार तथा योग्य अधिकारी को नियुक्त किया जाए।
सरकारी विभागों में पड़े 70,000 से अधिक ख़ाली पदों को तुरंत भरा जाए।
राहुल गांधी ने इन दोनों मांगों को पूरी तरह जायज़ बताया है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता इस आंदोलन में लगातार छात्रों के साथ खड़े हैं। राहुल गांधी ने उन्हें निर्देश दिया है कि जब तक छात्रों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते रहें।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि वे इस मुद्दे को महाराष्ट्र सरकार के सामने फिर से उठाकर इसके स्थायी समाधान की मांग करेंगे। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो संस्था छात्रों का भविष्य तय करती है, उस पर क़ब्ज़ा कर लिया गया है और इसे इस तरह नहीं चलने दिया जाएगा।