पुणे में 500 ट्रैफिक वार्डन की नियुक्ति पर रोक, बिना टेंडर ₹18 करोड़ का ठेका देने के मामले में जांच के आदेश

Pune Municipal Corporation: पुणे में बिना टेंडर ₹18 करोड़ का ट्रैफिक वार्डन ठेका देने पर आयुक्त नवल किशोर राम ने रोक लगा दी है। ठेकेदार पर शिकायतों के बाद मामले की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
Stay on the appointment of 500 traffic wardens in Pune
ट्रैफिक वार्डन ठेका, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Traffic Control PMC Pune: पुणे शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 500 ट्रैफिक वार्डन नियुक्त करने की प्रक्रिया पर पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने रोक लगा दी है।

संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सामने आई शिकायतों के बाद आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद 225 ट्रैफिक वार्डन की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है।

बिना टेंडर दिया गया था काम

ट्रैफिक पुलिस की मांग के बाद मनपा के सुरक्षा विभाग ने ट्रैफिक वार्डन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। कात्रज-कोंढवा मार्ग पर हुए हादसे के बाद यातायात नियंत्रण को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ा था।

इसके बाद नियम 67 (3) (क) के तहत आपात स्थिति का हवाला देते हुए बिना टेंडर जयशंकर एसोसिएट को एक वर्ष के लिए 500 ट्रैफिक वार्डन उपलब्ध कराने का काम दिया गया। इस ठेके की अनुमानित लागत करीब 18 करोड़ रुपये बताई गई है।

ठेकेदार को लेकर पहले भी उठे सवाल

जयशंकर एसोसिएट को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में पहले ब्लैकलिस्ट किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद इसी कंपनी को नया काम दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।

इन शिकायतों के बाद अब मनपा प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। जांच में ठेका देने की प्रक्रिया और संबंधित नियमों के पालन की भी पड़ताल की जाएगी।

Stay on the appointment of 500 traffic wardens in Pune
नासिक सिंहस्थ कुंभ के ध्वजारोहण की जोरदार तैयारी, महाआरती में 5 हजार श्रद्धालुओं की व्यवस्था; सुरक्षा पर फोकस

225 नियुक्त वार्डन का क्या होगा?

वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद 225 वार्डन की नियुक्ति हो चुकी है। आयुक्त ने काम स्थगित करने के साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित ठेकेदार से कोई नया काम नहीं लेने के निर्देश दिए हैं।

ऐसे में पहले से नियुक्त 225 वार्डन के काम, वेतन और आगे की नियुक्ति को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। जांच पूरी होने के बाद पुणे मनपा प्रशासन की ओर से लिए जाने वाले निर्णय से इन कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Stay on the appointment of 500 traffic wardens in Pune
पुणे में वैकुंठ श्मशान पर दबाव घटाने की तैयारी, 7 जगहों पर गैस शवदाह गृह बनाने की योजना

जांच रिपोर्ट पर नजर

मनपा आयुक्त के आदेश के बाद अब ठेका प्रक्रिया और ठेकेदार से संबंधित शिकायतों की जांच की जाएगी। प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं, पुणे शहर की यातायात व्यवस्था के लिए ट्रैफिक वार्डन की आवश्यकता को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी नजर रहेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com