Abhijit Dipke To Join MPSC Protest Pune: महाराष्ट्र में लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के आंदोलन ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है।
पुणे स्थित एसएम जोशी पुल, पत्रकार भवन के पास चल रहे MPSC विद्यार्थियों के सत्याग्रह आंदोलन में आज अभिजीत दिपके समेत देश और प्रदेश के कई प्रमुख नेता छात्रों का समर्थन करने के लिए एकजुट हो रहे हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस सत्याग्रह में भाग लेने और छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए कई वरिष्ठ नेता आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं-
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष: राज ठाकरे
शिवसेना (यूबीटी) सांसद: संजय राउत
वरिष्ठ नेता: अनिल देशमुख और डॉ. जितेंद्र आव्हाड
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता: विजय वडेट्टीवार और सतेज (बंटी) पाटील
युवा नेता: अमित ठाकरे
अन्य प्रमुख नेता: निलेश लंके और डॉ. अमोल कोल्हे
इसके अतिरिक्त, छात्र राजनीति में चर्चित चेहरा और देश के पूर्व शिक्षा मंत्री की राजनीतिक 'विकेट' लेने वाले छात्र नेता अभिजित दिपके भी रविवार शाम को छात्रों के इस सत्याग्रह में भाग लेने और अपनी एकजुटता जताने के लिए पुणे पहुंच रहे हैं।
पुणे आंदोलन के लिए रवाना होते हुए छात्र नेता अभिजित दिपके ने कहा कि वर्तमान में महाराष्ट्र के 20 लाख से अधिक युवा MPSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ये 20 लाख युवा केवल परीक्षार्थी या छात्र नहीं हैं, बल्कि देश के जागरूक मतदाता भी हैं।
दिपके ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार आज इन युवाओं की मांगों और उनकी आवाज को नजरअंदाज करती है, तो यही युवा कल मतदान के समय अपने वोट के जरिए सरकार को करारा जवाब देंगे। ऑडियो संवाद के माध्यम से भी आंदोलनकारी छात्रों को यह याद दिलाया गया कि उनकी संख्या और उनके वोटों की ताकत 20 लाख की है, इसलिए वे अपनी इस शक्ति को पहचानें और मांगों पर अडिग रहें।
छत्रपति संभाजीनगर से पुणे के लिए निकलते हुए अभिजीत दिपके ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया और उनसे आग्रह किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं या इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक कोई भी छात्र धरना स्थल से न उठे।
एकजुटता की अपील: छात्रों को बताया गया कि रोहित पवार ने इस आंदोलन की अगुवाई की है और जब सभी छात्र एकजुट होकर मजबूती से खड़े रहेंगे, तभी यह सत्याग्रह पूरी तरह से सफल होगा।
सत्ता पर निशाना: सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि जब उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को यह अहसास होगा कि इस्तीफे के बिना उनकी कुर्सी खतरे में पड़ सकती है, तभी सरकार गंभीरता से कदम उठाएगी।
राेहित पवार ने कहा है कि, प्रदर्शन स्थल पर बीते दिन 18,000 लोग उपस्थित थे। अब सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए अधिक से अधिक छात्रों और नागरिकों से संवाद कर पुणे पहुंचने की अपील की जा रही है, ताकि 7 सितंबर के भीड़ के रिकॉर्ड को भी तोड़ा जा सके।
नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन पर कायम रहें और किसी भी तरह से अपना ध्यान भटकने न दें, क्योंकि एकजुटता से ही इस सत्याग्रह में छात्रों की जीत सुनिश्चित होगी।