रोहित पवार, विवेक भीमनवार  सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे में MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को लेकर रोहित पवार आक्रामक, 16 सितंबर से बड़े आंदोलन का ऐलान

Rohit Pawar MPSC Protest: MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग पर रोहित पवार 16 सितंबर से पुणे में आंदोलन करेंगे। वहीं सीएम फडणवीस ने राज्यसेवा उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच का आश्वासन दिया।

रूपम सिंह

Pune MPSC Student Protest: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार पर उनके पूर्व प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने गुरुवार को कड़ा हमला बोला।

उन्होंने भीमनवार के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को एमपीएससी का नया अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की। पत्रकार वार्ता में रोहित पवार ने दावा किया कि भीमनवार के परिवहन विभाग में रहते हुए आरटीओ की भर्तियों और तबादलों में भारी धांधली हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि 'परिवहन विभाग का वही गिरोह (रैकेट) अब एमपीएससी में सक्रिय है।' पवार ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को इससे संबंधित दस्तावेज सौंपने की बात कही। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के बाद 16 सितंबर से पुणे में छात्रों का बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी दिशा खुद छात्र तय करेंगे।

दूसरी ओर, रोहित पवार द्वारा 16 सितंबर से आंदोलन की घोषणा किए जाने के बाद पुणे पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। पुलिस प्रशासन ने आंदोलन से जुड़े 15 छात्र प्रतिनिधियों को कानूनी नोटिस जारी किए हैं।

चाणक्य की तस्वीर दिखाकर शाह पर निशाना

रोहित पवार ने सरकार से मुंढे को एमपीएससी अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की। चाणक्य की तस्वीर दिखाते हुए पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद को चाणक्य समझने वालों को कम से कम जनता की बात तो सुननी चाहिए।

रोहित ने कहा कि एमपीएससी के कामकाज को लेकर विद्यार्थियों में पैदा हुई बेचैनी और अविश्वास को दूर करने के लिए वे अंत तक लड़ते रहेंगे। उन्होंने 16 सितंबर से पुणे में बड़े आंदोलन का ऐलान किया।

एमपीएससी की परीक्षा में पेपर लीक की घटना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में बेचैनी और नकारात्मकता का माहौल बना है। 'एक पेपर लीक हुआ, तो बाकी पेपर लीक नहीं हुए होंगे क्या?' इस सवाल से घिरे विद्यार्थियों का परीक्षा व्यवस्था से भरोसा कम हो रहा है। भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने खुद यह बात स्वीकार की है।

उन्होंने यह भी माना कि व्यवस्था में कहीं न कहीं भ्रष्टाचार है, यह साबित हो रहा है। प्रतियोगी परीक्षार्थियों की समस्याएं जानने के बाद पाचपुते ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने एमपीएससी की भर्ती प्रक्रिया, परीक्षाओं में खामियों, पेपर लीक की घटनाओं, विद्यार्थियों की परेशानियों और सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों पर अपनी भूमिका स्पष्ट की।

एमपीएससी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के संबंध में पाचपुते ने व्यवस्था की खामियों को खुले तौर पर स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में कहीं न कहीं भ्रष्टाचार है, यह साबित हो रहा है और इसे हम स्वीकार करते हैं।

पेपर लीक की एक घटना के बाद अन्य परीक्षाओं के पेपर की सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों के मन में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। इससे उनके बीच नकारात्मक माहौल बना है और इसे दूर करने की आवश्यकता है।

उत्तरपुस्तिकाओं की होगी - दोबारा जांच : मुख्यमंत्री

एमपीएससी की 2025 की राज्यसेवा मुख्य परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों की मांगों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। परीक्षार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब पौने दो घंटे हुई बैठक में उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच और प्रस्तावित साक्षात्कार आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई। इसी वजह से परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

परीक्षार्थियों ने उत्तरपुस्तिकाओं के अंकों में असमानता का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने रखा। उनका कहना है कि कुछ परीक्षार्थियों को 2, 6 और 14 जैसे कम अंक मिलने से मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को समझने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने का आश्वासन दिया।

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