Abhijit Dipke Targets Maharashtra Government: MPSC की परीक्षाओं में बार-बार हो रही धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ पुणे में छात्रों का व्यापक विरोध प्रदर्शन उग्र रूप धारण करता जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के युवा नेता रोहित पवार की अगुवाई में चल रहे इस सत्याग्रह में (CJP के प्रमुख छात्र नेता अभिजीत दिपके शामिल हुए।
आंदोलन स्थल पर पहुंचते ही और हाथ में माइक लेते ही दिपके ने राज्य सरकार पर ताबड़तोड़ तीखे हमले बोलना शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारी छात्रों के जनसैलाब को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस तरह IPL में खिलाड़ियों की खुलेआम बोली लगती है और उन्हें खरीदा जाता है, ठीक उसी प्रकार MPSC की परीक्षाओं में भी अब बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त का खेल चल रहा है।
दिपके ने आक्रोश जताते हुए कहा, जब पैसे देकर पेपर लीक करवाने वाले और रिश्वत देने वाले ही पास हो रहे हैं, तो सरकार को परीक्षा कराने का ढोंग बंद कर देना चाहिए। इससे तो बेहतर होगा कि सरकार IPL की जैसे MPSC परीक्षाओं का भी खुला ऑक्शन ही आयोजित कर दे, ताकि बोली लगाने वाले सीधे पद हासिल कर सकें।
दिपके ने महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से तुलना करते हुए सरकार पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजनीतिक स्वार्थ के लिए नेताओं की खरीद-फरोख्त होती है और नेता एक पाले से दूसरे पाले में 'लीक' होते रहते हैं, ठीक उसी भ्रष्ट और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से अब राज्य में लाखों युवाओं के भविष्य का फैसला करने वाले सरकारी प्रश्नपत्र भी लीक किए जा रहे हैं।
सरकार के शीर्ष नेतृत्व को घेरते हुए अभिजीत दिपके ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर गंभीर आरोप लगाए। दिपके ने आरोप लगाया कि फडणवीस ने MPSC के अध्यक्ष पद पर अपने करीबी दोस्त को बिठा रखा है। उन्होंने दावा किया कि इस पद पर अपने चहेते की नियुक्ति करके आयोग के भीतर बड़े पैमाने पर धांधली को बढ़ावा दिया जा रहा है और परीक्षाओं में होने वाली इस अनियंत्रित धांधली व सौदेबाजी में से सीधे कट वसूला जा रहा है। दिपके ने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य को दांव पर लगाकर शीर्ष पदों पर बैठे लोग अपनी जेबें भर रहे हैं।
राज्य सरकार की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए अभिजीत दिपके ने मंच से 50 खोके एकदम ओक का चर्चित तंज भी कसा। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि मौजूदा शासन प्रणाली केवल और केवल पैसों के दम पर चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दिन-रात एक करके पढ़ाई करने वाले मेहनती और गरीब परिवारों के छात्रों का हक मारा जा रहा है, जबकि पैसों का खेल खेलने वाले लोग पूरे तंत्र को दीमक की तरह चाट रहे हैं।
पुणे में चल रहे इस आंदोलन में हजारों छात्र सड़कों पर डटे हुए हैं। अभिजीत दिपके और रोहित पवार ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक पेपर लीक माफिया पर नकेल नहीं कसी जाती और MPSC परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक यह सत्याग्रह समाप्त नहीं होगा। यह आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा का नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के हक और स्वाभिमान की लड़ाई बन चुका है।