Moshi Garbage Depot Tragedy PCMC Waste Management: मोशी कचरा डिपो में हुए दर्दनाक हादसे को दो महीने बीत जाने के बाद भी न तो इस त्रासदी के वास्तविक दोषियों पर अंतिम कार्रवाई हो सकी है और न ही शहर की कचरा समस्या का स्थायी समाधान निकल पाया है।
नौ कर्मचारियों की जान लेने वाले इस भीषण हादसे के बाद पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका प्रशासन ने आनन-फानन में कदम उठाते हुए ठेकेदार कंपनी के दो कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की और को निलंबित कर दिया।
हालांकि, विभागीय जांच और बैठकों के दौर के बीच मूल सवाल अब भी अनुत्तरित है कि आखिर इस त्रासदी की अंतिम जिम्मेदारी किस पर तय होगी? इस हादसे ने पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (पीसीएमसी) की कचरा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
हादसे के बाद से ही शहर में कचरा प्रसंस्करण और निस्तारण की गति सुस्त पड़ गई, जिससे कई इलाकों में कचरे के अंबार लगने लगे।
दो महीने बीत जाने के बावजूद कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है और नए कचरा प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना अब भी केवल नियोजन और फाइलों के स्तर तक ही सीमित है।
हादसे के बाद शहर में कचरे के निस्तारण के लिए वैकल्पिक केंद्रों की आवश्यकता शिद्दत से महसूस की जा रही है। वर्तमान में नए कचरा प्रसंस्करण केंद्रों के लिए स्थानों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। चयनित जगहों की सूची नगर पालिका आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत की गई है, जिस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगरसेवकों से चर्चा कर अंतिम मुहर लगाई जाएगी,
स्थान तय होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और तकनीकी व्यवहार्यता की जांच की जाएगी। पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त कुलदीप जंगम ने स्पष्ट किया कि स्थान चयन, डीपीआर और तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
गणेशोत्सव के दौरान शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान चलाया है। सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों से कचरा हटाने के लिए अतिरिक्त सफाई वाहनों की तैनाती की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त डॉ. प्रदीप ठेंगल के अनुसार, उत्सव के दौरान नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए त्वरित कचरा निस्तारण की आपात योजना लागू की गई है।