Pimpri Chinchwad Moshi Rescue Operation: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी कचरा डिपो में प्रशासनिक भवन पर कचरे का विशाल ढेर ढहने की घटना के 50 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद 8 मजदूर अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), सेना, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका, पीएमआरडीए, अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे मौके पर डटी हुई हैं।
बचाव अभियान के दौरान सामने का हिस्सा पूरी तरह कचरे और मलबे से भर जाने के कारण राहत दलों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब इमारत के पीछे की ओर से सुरक्षित प्रवेश मार्ग तैयार कर अंदर तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस रास्ते से फंसे मजदूरों तक पहुंचने की संभावना अधिक है।
मोशी कचरा डिपो रेस्क्यू ऑपरेशन में जेसीबी, पोकलेन और डंपर जैसी भारी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाया जा रहा है। साथ ही, भवन के झुके और अस्थिर हिस्सों को अतिरिक्त सहारा देकर सुरक्षित बनाया जा रहा है, ताकि बचाव कार्य के दौरान कोई और हादसा न हो। मशीनों और राहतकर्मियों के बीच समन्वय के साथ अभियान को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है।
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पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी, पुलिस आयुक्त विजयकुमार चौबे और एनडीआरएफ के कमांडेंट प्रवीण घट्ट ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने राहत दलों को तेजी के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के आगे बढ़ सके।
बचाव एजेंसियां पहले सुरक्षित निकाले गए मजदूरों से मिली जानकारी के आधार पर संभावित स्थानों की पहचान कर खुदाई कर रही हैं। मलबे के भीतर फंसे मजदूरों तक जल्द पहुंचने के लिए हर संभावित बिंदु पर सावधानीपूर्वक तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं और फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है।