24 जुलाई के बाद महाराष्ट्र में बढ़ेगा बारिश का जोर (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
पुणे

महाराष्ट्र में बारिश के लिए करना होगा इंतजार, जानें कब तक जोर पकड़ेगा मानसून

Weather Update: राज्य के 8 ज़िलों में औसत से कम और तीन ज़िलों में भारी बारिश की कमी दर्ज की गई है। लंबे इंतज़ार के बाद, मराठवाड़ा के जालना, बीड, लातूर, परभणी और हिंगोली ज़िलों में बारिश हुई है।

आंचल लोखंडे

Weather Update: जुलाई में बारिश का पूर्वानुमान पूरे राज्य में बहुत सक्रिय नहीं था। तदनुसार, 17 से 24 जुलाई के बीच के सप्ताह में राज्य में कम बारिश होने की संभावना है। 1 जून से अब तक महाराष्ट्र में औसत से चार प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। जुलाई की बात करें तो औसत से दो प्रतिशत ज़्यादा बारिश हुई है।

हालांकि, राज्य के 8 ज़िलों में औसत से कम और तीन ज़िलों में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है। कोंकण क्षेत्र में जुलाई में बारिश की कमी के कारण मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग ज़िलों में बारिश की कमी दर्ज की गई है। मुंबई शहर में 23 प्रतिशत और मुंबई उपनगरों में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

मराठवाड़ा में सबसे कम बारिश

मध्य महाराष्ट्र के अहमदनगर, सतारा, सोलापुर, मराठवाड़ा, बीड, छत्रपति संभाजीनगर, धाराशिव, हिंगोली, जालना, लातूर, नांदेड़, परभणी जिलों में वर्षा में कमी दर्ज की गई, जबकि विदर्भ के अकोला, अमरावती और वाशिम जिलों में भी वर्षा की कमी दर्ज की गई। मराठवाड़ा में सबसे अधिक कमी है और मराठवाड़ा संभाग में कुल 46 प्रतिशत की कमी है। राज्य में सबसे अधिक कमी बीड में है और बीड में औसत वर्षा का केवल 25 प्रतिशत ही प्राप्त हुआ है। सोलापुर में भी केवल 32 प्रतिशत ही वर्षा हुई है।

24 जुलाई के बाद भारी बारिश की संभावना

अगर हम पिछले हफ़्ते कोंकण क्षेत्र पर गौर करें, तो मुंबई शहर में सबसे ज़्यादा बारिश हुई, जो उस हफ़्ते के औसत से 71 प्रतिशत कम थी। पिछले हफ़्ते, मुंबई के उपनगरों में 23 प्रतिशत कम बारिश हुई, पालघर ज़िले में 55 प्रतिशत कम बारिश हुई और ठाणे ज़िले में 33 प्रतिशत कम बारिश हुई। मध्य महाराष्ट्र में, धुले में 80 प्रतिशत, सोलापुर में औसत से 70 प्रतिशत कम बारिश हुई। हिंगोली में 95 प्रतिशत, जालना में 89 प्रतिशत और परभणी में औसत से 91 प्रतिशत कम बारिश हुई। इस दौरान विदर्भ में भी ज़्यादा बारिश नहीं हुई।

मराठवाड़ा में मूसलाधार बारिश

लंबे इंतज़ार के बाद, मराठवाड़ा के जालना, बीड, लातूर, परभणी और हिंगोली ज़िलों में बारिश हुई है। लगभग 32 राजस्व क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ नदियां उफान पर हैं। इस बारिश से खरीफ की फसलों को सहारा मिला है और किसानों को राहत मिली है। छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़ और धाराशिव ज़िलों में मामूली अपवादों को छोड़कर बारिश नहीं हुई है।

विभिन्न नदियां प्रवाहि

डेढ़ महीने बाद बीड ज़िले में पहली बार बारिश हुई है। कल रात 11 बजे शुरू हुई बारिश सुबह 3 बजे तक जारी रही। बीड, नवगांव राजुरी, चारहाटा, गेवराई, तलवारा, सिरसदेवी, धारुर, मोहखेड़, अंजनदोह, अंबाजोगाई और सिरसाला के 11 राजस्व मंडलों में भारी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में औसतन 27.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जालना जिले के दस राजस्व मंडलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। इस वर्षा के कारण कुंडलिका और सिना नदियां बह गईं। तालुका से होकर गुजरने वाली दुधाना नदी भी बह गई। घनसावंगी तालुका में, नरोला नदी और घनसावंगी के पास से गुजरने वाली नदी में बाढ़ आ गई। परतुर तालुका में कसुरा, वड्डोनी और गौतमी नदियों में पानी भर गया।

11 मंडलों में भारी बारिश

परभणी, पाथरी, जिंतूर, सेलू, मनावत तालुकाओं में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम, पूर्णा, गंगाखेड़, सोनपेठ तालुकाओं में छिटपुट बारिश दर्ज की गई। 11 मंडलों में बारिश हुई है। इन मंडलों में भारी बारिश दर्ज की गई। जिले में औसत वर्षा 265.2 मिमी होने की उम्मीद है, लेकिन अब तक केवल 154.1 मिमी बारिश हुई है।

इसका प्रतिशत 58 है। डेढ़ महीने के अंतराल के बाद लातूर जिले में बारिश हुई। पिछले चौबीस घंटों में औसतन 10.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, हिंगोली जिले में हल्की से मध्यम बारिश हुई। जिले में अब तक औसतन 197.5 मिमी बारिश हो चुकी है।

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