Pune Market Lemon Price: मानसून के दौरान आमतौर पर नींबू की कीमतों में नरमी देखने को मिलती है, लेकिन इस साल पुणे में स्थिति इसके उलट है। थोक बाजार में नींबू की आवक कम होने के कारण कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। खुदरा बाजार में एक नींबू करीब ₹10 तक बिक रहा है, जबकि आकार और गुणवत्ता के आधार पर छह नींबू के लिए ₹40 से ₹50 तक वसूले जा रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक, इस साल किसानों द्वारा समय से पहले बड़ी मात्रा में नींबू की तुड़ाई किए जाने का असर अब बाजार की आपूर्ति पर दिखाई दे रहा है।
व्यापारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में किसानों ने नींबू की काफी मात्रा पूरी तरह पकने से पहले ही बाजार में भेज दी थी। इसके चलते उस समय बाजार में आवक बढ़ गई, लेकिन अब मानसून के दौरान ताजा माल की उपलब्धता कम हो गई है। सामान्य स्थिति में गर्मी के अंतिम दौर में लगाए गए नींबू के पौधों की फसल जुलाई और अगस्त के आसपास तैयार होती है। इस बार समय से पहले तुड़ाई होने के कारण मौजूदा अवधि में बाजार को अपेक्षित मात्रा में नींबू नहीं मिल रहा है।
क्षेत्र में नींबू की खेती मुख्य रूप से सोलापुर जिले के बार्शी और अहिल्यानगर जिले के राशिन जैसे इलाकों में होती है। नींबू की फसल पानी की उपलब्धता के प्रति संवेदनशील मानी जाती है। गर्मी के दौरान पानी की कमी का असर उत्पादन पर पड़ सकता है। किसानों द्वारा पहले ही फसल बाजार में भेज दिए जाने और मौजूदा समय में कम आवक के कारण पुणे के थोक बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
7 सितंबर को पुणे मार्केट यार्ड के फल बाजार में सोलापुर और अहिल्यानगर से करीब 1,000 से 1,200 बोरी नींबू पहुंचे। एक बोरी में नींबू के आकार के अनुसार सामान्यतः 300 से 400 नग होते हैं। इसके बावजूद कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा मांग के मुकाबले आवक पर्याप्त नहीं है। यही वजह है कि थोक बाजार से लेकर खुदरा स्तर तक कीमतों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है।
मानसून और श्रावण के दौरान नींबू की मांग अपेक्षाकृत कम रहती है, क्योंकि कई लोग इस अवधि में मांसाहारी भोजन से परहेज करते हैं। हालांकि, गणेशोत्सव शुरू होने के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े कारोबारों में नींबू की मांग बढ़ने की संभावना है।
गर्मी के मौसम में घरों, पेय पदार्थ विक्रेताओं और जूस सेंटरों से नींबू की मांग सबसे ज्यादा रहती है। अब कम आवक के बीच गणेशोत्सव के दौरान मांग बढ़ने पर कीमतों में और तेजी आने की आशंका व्यापारी जता रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पुणे के उपभोक्ताओं को नींबू के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।