कोरेगांव-भीमा हिंसा सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

कोरेगांव-भीमा हिंसा: 8 साल बाद पूरी हुई जांच, 58 गवाहों के बयान दर्ज, अब रिपोर्ट का इंतजार

Koregaon Bhima Violence Inquiry Commission: कोरेगांव-भीमा हिंसा जांच आयोग ने साढ़े आठ साल बाद गवाहों के बयान दर्ज करने का काम पूरा किया, जानें पूरा घटनाक्रम

वेदांत जोशी

Elgar Parishad Case Update: कोरेगांव-भीमा में 1 जनवरी 2018 को हुई हिंसा के कारणों की तह तक जाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने जो जांच आयोग गठित किया था, उसने लगभग साढ़े आठ साल बाद गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब आयोग की पूरी टीम अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है।

रिपोर्ट की समयसीमा फिर बढ़ी

राज्य सरकार ने आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए एक बार फिर मोहलत दी है। नई समयसीमा 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है, जो आयोग को मिला 23वां विस्तार है। गृह विभाग के संयुक्त सचिव राजेंद्र होलकर ने इस संबंध में 11 सितंबर को आधिकारिक पत्र जारी किया था।

58 गवाहों ने रखी अपनी बात

आयोग के सचिव वी. वी. पलनीटकर के मुताबिक, गवाहों की सुनवाई अब पूरी तरह संपन्न हो चुकी है। अधिवक्ता आशीष सातपुते ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें वरिष्ठ राजनेता, उस समय के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी और कोरेगांव-भीमा तथा वढू बुद्रुक के स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे।

दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोप

जांच के दौरान अलग-अलग पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें आयोग के सामने रखीं। एक पक्ष ने हिंदुत्ववादी नेताओं मिलिंद एकबोटे और संभाजी भिडे को हिंसा भड़काने का जिम्मेदार ठहराया, वहीं दूसरे पक्ष ने एल्गार परिषद के आयोजकों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए।

वढू बुद्रुक का पुराना विवाद भी केंद्र में

जांच में वढू बुद्रुक स्थित छत्रपति संभाजी महाराज की समाधि और गोविंद गोपाल स्मारक से जुड़ा ऐतिहासिक विवाद भी अहम मुद्दा रहा। दिसंबर 2017 में वहां लगाए गए एक बोर्ड को लेकर उपजा तनाव, 1 जनवरी की हिंसा की पृष्ठभूमि से सीधे जुड़ा हुआ माना जाता है।

बड़े नामों से हुई पूछताछ

आयोग ने शरद पवार, प्रकाश आंबेडकर, तत्कालीन पुणे पुलिस आयुक्त रश्मि शुक्ला, पुणे ग्रामीण के तत्कालीन एसपी सुवेज हक और तत्कालीन जिलाधिकारी सौरभ राव जैसे प्रमुख लोगों के बयान भी दर्ज किए। इसके साथ ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों से 400 से अधिक हलफनामे भी प्राप्त हुए हैं, जो अब रिपोर्ट तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

UP Richest Person: कौन है उत्तर प्रदेश का सबसे अमीर शख्स, कारोबार से लेकर उनकी नेटवर्थ तक, जानें सबकुछ

DRDO की बड़ी उपलब्धि, प्रलय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण सफल; रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

ओवैसी का बड़ा आरोप! बोले जहां-जहां BJP की सरकार है, वहां मुस्लमानों को रखा जाता है शिक्षा से दूर

आप जितना बोलेंगे, कांग्रेस उतनी कमजोर होगी, नागपुर में नितिन गडकरी का राहुल गांधी पर निशाना

हाथ में संविधान, काम संविधान के खिलाफ, नागपुर में राहुल गांधी पर जमकर बरसे CM फडणवीस