

Exam Centre Verification Process: सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से जुड़े महाविद्यालयों में अब परीक्षा केंद्र बनना इतना आसान नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों का अनिवार्य ऑडिट कराने का फैसला लिया है। इसका मकसद है परीक्षा प्रक्रिया में अनुशासन और भरोसा बहाल करना।
परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल के संचालक डॉ. राजेंद्र तलवारे ने इस संबंध में आधिकारिक परिपत्र जारी किया है। इसमें साफ किया गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के प्रथम सत्र की परीक्षाओं से पहले पूरी ऑडिट प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी, ताकि किसी भी तरह की खामी परीक्षा शुरू होने से पहले ही दूर की जा सके।
परीक्षा केंद्र बनने के इच्छुक महाविद्यालयों के प्राचार्यों और संचालकों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। फिलहाल इन आवेदनों की गहन जांच 16 से 22 सितंबर के बीच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवेदन करने वाले कॉलेज विश्वविद्यालय के मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
जांच का अगला और सबसे अहम चरण 26 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच शुरू होगा, जब विश्वविद्यालय की विशेष समिति महाविद्यालयों का प्रत्यक्ष या ऑनलाइन निरीक्षण करेगी। इस दौरान बुनियादी सुविधाओं से लेकर निगरानी व्यवस्था तक हर पहलू को बारीकी से परखा जाएगा।
जो महाविद्यालय सभी निर्धारित मानकों और मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे, उन्हें ही परीक्षा केंद्र के रूप में मान्यता मिलेगी। इसके लिए अंतिम मंजूरी 12 अक्टूबर को दी जाएगी, जो अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित परीक्षाओं से ठीक पहले होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस सख्त ऑडिट प्रक्रिया से परीक्षा केंद्रों में होने वाली अनियमितताओं और नकल जैसी घटनाओं पर प्रभावी रूप से रोक लगेगी, जिससे छात्रों को एक निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा माहौल मिल सकेगा।