खडकवासला बांध के जलस्रोतों में होटलों का गंदा पानी सीधे मिल रहा है।
एनसीपी नेता अमोल बालवडकर ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
दूषित पानी से लाखों पुणेकरों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हुआ।
Pune Water Contamination News: पुणेकरों की प्यास बुझाने वाले खडकवासला बांध के जल स्रोतों में आसपास के होटलों और रेस्टोरेंटों का गंदा पानी सीधे छोड़े जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इससे पुणेकरों को होने वाली जलापूर्ति की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा होने की आशंका राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के पार्षद अमोल बालवडकर ने जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण लाखों पुणेकरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
साथ ही, इस मामले में तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। बालवडकर ने सोमवार (12 अक्टूबर) को खडकवासला बांध परिसर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान गोरे बुद्रुक, गोरे खुर्द, सिंहगढ़ की तलहटी, खानापुर, मांडवी और कुडजे सहित आसपास के गांवों में स्थित कुछ होटलों, रेस्टोरेंटों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से दूषित पानी सीधे जल स्रोतों में छोड़े जाने की बात सामने आने का दावा उन्होंने किया।
बालवडकर ने कहा कि पुणेकर नियमित रूप से करों का भुगतान करते हैं, ताकि उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित नागरिक सुविधाएं मिल सकें, न कि दूषित पानी के कारण उनकी सेहत खतरे में पड़े। खडकवासला बांध के जलस्रोतों की सुरक्षा केवल आसपास के गांवों का मुद्दा नहीं, बल्कि पुणे शहर के लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि बांध क्षेत्र के ग्रामीणों को भी उचित सीवेज प्रबंधन की सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
बालवडकर ने प्रशासन से मांग की है कि खडकवासला बांध परिसर में नियमित गश्त की जाए और दूषित पानी छोड़ने वाले स्रोतों की पहचान कर विस्तृत जांच की जाए। बिना शोधन के गंदा पानी जलस्रोतों में छोड़ने वाले होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन प्रतिष्ठानों के लिए नियमों के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाना अनिवार्य है, वहां एसटीपी स्थापित कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जलस्रोतों में केवल निर्धारित मानकों के अनुसार शोधित पानी ही छोड़ा जाए।
बालवडकर ने कहा कि सीवेज की समस्या के लिए आम ग्रामीणों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संबंधित ग्राम पंचायतों को भी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके लिए पुणे महानगरपालिका या राज्य सरकार ग्राम पंचायतों को एसटीपी स्थापित करने हेतु जरूरी निधि उपलब्ध कराए। इससे खडकवासला बांध के जलस्रोतों को सुरक्षित रखने और पुणेकरों को स्वच्छ व पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट
पुणे महानगरपालिका को इस मामले को केवल एक शिकायत के रूप में नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़े गंभीर मुद्दे के रूप में देखना चाहिए। खडकवासला बांध का पानी सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन तत्काल ठोस कदम उठाए, ताकि पुणेकरों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके।अमोल बालवडकर, नगरसेवक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट)