मुंबई: मालाबार हिल में सिरी रोड परियोजना पर 23 अक्टूबर को BMC की बैठक में चर्चा, 48 पेड़ कटने का अनुमान

Mumbai Siri Road Project: मुंबई के मालाबार हिल में सिरी रोड को चौड़ा करने के विवादास्पद प्रस्ताव पर 23 अक्टूबर को BMC की बैठक में विचार होगा। हरियाली और पेड़ों के नुकसान को लेकर इसका विरोध हो रहा है।
BMC Meeting On Kamla Nehru Park Siri Road Project
मुंबई के कमला नेहरू पार्क से होकर गुजरने वाला सिरी रोड, बीएमसी ऑफिससोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • सिरी रोड परियोजना को लेकर 23 अक्टूबर को BMC की बैठक में चर्चा होगी।

  • सड़क चौड़ीकरण से कमला नेहरू पार्क और हरियाली को खतरा

  • सड़क चौड़ीकरण के लिए 2,540 वर्ग मीटर से अधिक आरक्षित जमीन का उपयोग किया जाएगा।

  • मालाबार हिल में सिरी रोड परियोजना से 72 पेड़ प्रभावित होंगे।

BMC Meeting On Kamla Nehru Park Siri Road Project: मुंबई के पॉश इलाके मालाबार हिल में सिरी रोड को चौड़ा करने का एक विवादित प्रस्ताव 23 अक्टूबर को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की बैठक में विचार के लिए फिर से रखा जाएगा। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद एक बार फिर ग्रीन स्पेस के नुकसान, बहुमूल्य पेड़ों और पानी की महत्वपूर्ण पाइपलाइनों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

बीएमसी की बैठक में उस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, जिसमें मनोरंजन के मैदान और ऐतिहासिक कमला नेहरू पार्क के लिए आरक्षित जमीन पर सड़क बनाने और इसके इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई है। यह प्रस्तावित सड़क चिरंजीलाल लोयालका मार्ग, जिसे सिरी रोड के नाम से भी जाना जाता है, के ठीक साथ स्थित है।

BMC को दावा- ट्रैफिक में होगा सुधार

इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य बीजी खेर मार्ग पर स्थित कमला नेहरू पार्क और तांबे चौक के बीच के मौजूदा हिस्से को हल्की चार-पहिया गाड़ियों के लिए खोलना है। सिविक अधिकारियों का तर्क है कि इस सड़क के चौड़ीकरण और विस्तार से वाकेश्वर रोड, तीन बत्ती और बीजी खेर रोड पर भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकती है। इसके अलावा, इससे यात्रियों का समय बचेगा और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।

2015 में पारित हुआ था सिरी रोड चौड़ीकरण का प्रस्ताव

हालांकि, इस प्रोजेक्ट का विरोध नया नहीं है। इससे पहले बीएमसी की इम्प्रूवमेंट कमेटी ने भी इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। 29 दिसंबर 2015 को पारित एक प्रस्ताव में कमेटी ने इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डालने की सिफारिश की थी।

इसके पीछे कई ठोस कारण बताए गए थे। इनमें ऐतिहासिक पार्क को बचाना, उस क्षेत्र में पहले से गंभीर ट्रैफिक समस्या न होना, पेड़ों पर संभावित बुरा असर और दक्षिण मुंबई को पानी की सप्लाई करने वाले मुख्य कनेक्शनों को नुकसान पहुंचने का बड़ा खतरा शामिल था। कमेटी ने उस क्षेत्र का जियोलॉजिकल सर्वे कराने की भी मांग की थी।

प्रोजेक्ट का पैमाना और पर्यावरण को नुकसान

मूल सिविक प्रस्ताव के अनुसार, 535 मीटर लंबी सिरी रोड में वर्तमान में एक छोटा फुटपाथ और डामर वाली सड़क शामिल है। इस योजना के तहत सड़क के कुछ हिस्सों को चौड़ा करना तय किया गया था, जिसमें एक हिस्से को लगभग 14 फीट से बढ़ाकर 25 फीट करना भी शामिल था।

प्रस्तावित अलाइनमेंट के लिए कमला नेहरू पार्क और मनोरंजन मैदान के लिए आरक्षित 2,540.55 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता होगी। अनुमान है कि इस निर्माण कार्य से कुल 72 पेड़ सीधे तौर पर प्रभावित होंगे, जिनमें से 48 पेड़ों को काटना पड़ेगा और 24 पेड़ों को सुरक्षित रूप से दूसरी जगह ट्रांसप्लांट करना होगा।

सड़क को चौड़ा करने के लिए पार्क की ऐतिहासिक बाउंड्री वॉल के एक हिस्से को भी तोड़ना पड़ेगा, और तांबे चौक के पास स्थित कुछ स्थानीय दुकानें भी इससे प्रभावित हो सकती हैं।

स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी कर रहे विरोध

इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी गुस्सा है। स्थानीय निवासी संजय शिर्के ने अधिकारियों से इलाके के अनूठे जंगल जैसे स्वरूप को बचाने और इस सड़क प्रोजेक्ट को तुरंत रोकने की अपील की है।

चिपको आंदोलन के बाद सिरी रोड प्रोजेक्ट टला

स्थानीय निवासी संजय शिर्के ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले ‘चिपको’ आंदोलन की तरह हुए कड़े विरोध के कारण सिरी रोड पर सड़क बनाने के इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था। इसके बाद, आम लोगों के लिए यहां जंगल जैसे प्राकृतिक माहौल का आनंद लेने के लिए एक विशेष नेचर ट्रेल बनाया गया था। अब एक बार फिर सड़क बनाने की कोशिशें शुरू की जा रही हैं।

स्थानीय निवासियों कहा कि हम चाहते हैं कि इस हरे-भरे और शांत इलाके की प्राकृतिक खासियत हमेशा बनी रहे और सड़क का यह प्रोजेक्ट पूरी तरह रद्द कर दिया जाए।

23 अक्टूबर को होने वाली बीएमसी की बैठक पर नजर

अक्टूबर 2015 में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) कमिश्नर की तरफ से रखे गए शुरुआती प्रस्ताव में कहा गया था कि इस सड़क के बनने से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आम जनता को सहूलियत मिलेगी। हालांकि, इस प्रोजेक्ट के लिए संबंधित कोस्टल जोन रेगुलेशन (CRZ), हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी और ट्री अथॉरिटी से विशेष मंजूरी की भी जरूरत होगी। अब सबकी नजरें 23 अक्टूबर को होने वाली बीएमसी की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस विवादित प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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