Sia Goyal Chetan Choudhari Murder Conspiracy: पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल मामले में पुलिस जांच के दौरान एक और अहम जानकारी सामने आई है। मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी का 23 वर्षीय दोस्त रितेश हंगे वारदात से पहले और बाद में भी दोनों के लगातार संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, रितेश को अपराध की जानकारी थी, लेकिन उसने यह जानकारी पुलिस से छिपाई। इसके बाद लोणावला ग्रामीण पुलिस थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने रितेश को 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फॉरेंसिक विश्लेषण, तकनीकी सबूत और डेटा एनालिसिस के आधार पर रितेश के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने सिया, चेतन और रितेश के बीच हुई उन बातचीत और चैट को तकनीकी माध्यम से रिकवर किया है, जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार, इन बातचीत से संकेत मिला कि रितेश को वारदात से पहले ही मामले की जानकारी थी। इतना ही नहीं, पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद चेतन ने खुद रितेश से मुलाकात की और उसे हत्या की जानकारी दी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अपराध की जानकारी छिपाने के अलावा पूरी साजिश में रितेश की वास्तविक भूमिका क्या थी।
पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल के मुताबिक, जब सिया और चेतन ने केतन को अपने जीवन से हमेशा के लिए दूर करने की साजिश रची, तब उन्होंने रितेश हंगे से भी इस बारे में विस्तार से चर्चा की थी।
पुलिस के अनुसार, एक बातचीत के दौरान केतन को शारीरिक नुकसान पहुंचाने का फैसला लिया गया था। हत्या की कथित योजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें भी रितेश के साथ साझा की गई थीं। पुलिस का दावा है कि रितेश दोनों के संपर्क में रहा और साजिश को अंजाम देने की योजना में उसकी सक्रिय भूमिका हो सकती है। हालांकि, साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका और उसकी संलिप्तता की सीमा का पता लगाने के लिए पुलिस आगे की जांच कर रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वारदात के समय रितेश हंगे लोहगढ़ किले पर मौजूद था या नहीं। इस सिलसिले में किले पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, चेतन और रितेश कॉलेज के समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। विभिन्न लोगों के बयानों और तकनीकी सबूतों के आधार पर रितेश का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की ओर से अधूरी या भ्रामक जानकारी मिलने के बावजूद तकनीकी सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस डिजिटल चैट, फॉरेंसिक विश्लेषण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर मामले की कड़ियां तलाश रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि रितेश हंगे फिलहाल एक निजी बिल्डर के यहां नौकरी करता है। अब उसकी कथित भूमिका, आरोपियों के साथ उसके संपर्क और वारदात के समय उसकी संभावित मौजूदगी की जांच अहम मानी जा रही है।