

Mumbai iPhone Theft Gang Busted: मुंबई माता रमाबाई अम्बेडकर मार्ग (एमआरए) पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए, चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों और विदेश से चोरी हुए महंगे एप्पल (आईफोन) मोबाइल खरीदकर उनकी एप्पल आईडी हटाता था और फिर उन्हें विदेशों में बेच देता था।
जिन फोनों की एप्पल आईडी नहीं निकल पाती थी। गिरोह उनके स्पेयर पार्ट्स (जैसे डिस्प्ले, मदरबोर्ड, बैटरी और लॉजिक बोर्ड) अलग-अलग करके बाजार में कम कीमतों पर बेच देता था। इस सफल कार्रवाई से पुलिस ने कुल 38 चोरी के मामलों का पर्दाफाश किया है।
इनमें महाराष्ट्र-मुंबई के 19, तेलंगाना के 11, दिल्ली के 3, कर्नाटक के 2 और राजस्थान, तमिलनाडु तथा उत्तराखंड का 1-1 मामला शामिल है। इस गिरोह का सुराग मई 2026 में मुंबई में दर्ज हुई एक एप्पल फोन चोरी की शिकायत से मिला।
पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल मुले, पुलिस निरीक्षक फरीद खान, सहायक पुलिस निरीक्षक जालिंद लेम्बे और सब-इंस्पेक्टर राजू सालुंखे की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि चोरी के फोन में नए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस तकनीकी सुराग के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी तक पहुंचकर 21 चोरी के फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किया गया है। आगे की सघन जांच में पुलिस ने पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए कुल 4 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 64 समूचे चौरी के एप्पल फोन और 20 ऐसे फोन जब्त किए हैं जिनके पार्ट्स अलग किए जा चुके थे। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत 44,78,400 रुपये बताई गई है।
जैसे गंभीर साइबर अपराधों के खिलाफ सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने 'ऑपरेशन चक्र-VI' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तार मुंबई समेत देश के कई प्रमुख वित्तीय केंद्रों से जुड़ रहे है। सीबीआई ने ताजा कार्रवाई में 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जिससे इस संगठित सिंडिकेट में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या अब 8 हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एजेंसी ने देश के 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।
यह जांच बिट्स पिलानी के पीड़ित से 7.67 करोड़ रुपये, गुजरात में 19.24 करोड़ रुपये और कर्नाटक में 15.45 करोड़ रुपये की विशाल साइबर ठगी से जुड़ी है। इन मामलों में ठगों ने खुद। को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ितों को महीनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा था। जांच के दौरान इटारसी से संकेत बस्तवार और पंकज दमाडे, जबकि दिल्ली-गाजियाबाद से आरिफ उर्फ 'किंग भाई', हरीश यादव उर्फ 'हैरी' और शशांक सिंह को दबोचा गया।
इससे पहले आकाश, राजा करमाकर और ज्योति रानी की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह नेटवर्क मुंबई शहर जैसे बड़े शहरों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम की लेयरिंग (मनी लॉड्रिग) करता था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी खाताधारकों के फोन में खतरनाक एपीके फाइल इंस्टॉल कर एसएमएस अलर्ट इंटरसेप्ट करते थे और गुप्त रूप से खाते ऑपरेट करते थे।