प्रोफेसर डॉ. दिव्या चतुर्वेदी (फोटो नवभारत)
पुणे

IIT पुणे की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या चतुर्वेदी को अंतरराष्ट्रीय पहचान, दुनिया के टॉप 2% में लगातार चौथे साल नाम

IIIT Pune Professor Divya Chaturvedi: प्रो. डॉ. दिव्या चतुर्वेदी लगातार चौथे वर्ष स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की टॉप 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुईं। उन्हें 2,28,312 शोधकर्ताओं में 4,108वीं रैंक मिली।

आलोक उमाकृष्ण

Hilights

  • डॉ. दिव्या चतुर्वेदी को 2023 से 2026 तक टॉप 2% वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली।

  • नेटवर्किंग व टेलीकम्युनिकेशन में 2,28,312 शोधकर्ताओं के बीच उन्हें 4,108वीं रैंक मिली।

  • IIIT पुणे के निदेशक प्रो. विनीत कंसाल ने इसे गुणवत्तापूर्ण शोध का प्रमाण बताते हुए खुशी जताई।

Prof. Divya Chaturvedi In Stanford Top 2%: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) पुणे की प्रोफेसर डॉ. दिव्या चतुर्वेदी को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की वर्ष 2026 की ‘टॉप 2% वैज्ञानिकों’ की सूची में स्थान मिला है।

खास बात यह है कि उन्हें लगातार चौथे वर्ष इस सूची में शामिल किया गया है। इससे पहले वर्ष 2023, 2024 और 2025 में भी उन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई थी।

नेटवर्किंग एवं टेलीकम्युनिकेशन में वैश्विक रैंकिंग

डॉ. दिव्या चतुर्वेदी को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के अंतर्गत नेटवर्किंग एवं टेलीकम्युनिकेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की वर्ष 2026 की ‘टॉप 2% वैज्ञानिकों’ की सूची में उन्हें दुनिया भर के 2,28,312 शोधकर्ताओं में 4,108वीं रैंक प्राप्त हुई है।

उनकी यह उपलब्धि शोध कार्यों की गुणवत्ता और अकादमिक योगदान को दर्शाती है। डॉ. चतुर्वेदी का एच-इंडेक्स 7 और एचएम-इंडेक्स 4.40 है। ये सूचकांक उनके शोध प्रकाशनों और उद्धरणों के प्रभाव को समझने में मदद करते हैं।

शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय पहचान

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार की जाने वाली यह सूची एल्सेवियर के स्कोपस डेटाबेस पर आधारित है। इसमें शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक योगदान, शोधपत्रों को मिले उद्धरण और अन्य शोध-संबंधी मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। लगातार चार वर्षों तक सूची में स्थान मिलना डॉ. चतुर्वेदी के शोध कार्यों की निरंतरता को दर्शाता है।

शोध के लिए संस्थान को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

IIIT पुणे के निदेशक प्रो. विनीत कंसाल ने डॉ. दिव्या चतुर्वेदी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की वर्ष 2026 की ‘टॉप 2% वैज्ञानिकों’ की सूची में लगातार चौथे वर्ष स्थान मिलना संस्थान में हो रहे गुणवत्तापूर्ण शोध का प्रमाण है।

यह उपलब्धि न केवल डॉ. चतुर्वेदी के लिए, बल्कि पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। इससे IIIT पुणे के शिक्षकों और विद्यार्थियों को शोध के क्षेत्र में नए प्रयोग करने, नवाचार को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।

IIIT पुणे केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। यहां कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक, एमटेक और पीएचडी पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट

6 महीने में गिर जाएगी मोदी सरकार! संजय राउत की भविष्यवाणी से मची सियासी खलबली

Delhi CJP Protest LIVE: दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को लिया हिरासत में, ममता-दिपके-सौरव-आशुतोष भी डिटेन

सुभाष चंद्रा की पर्सनल गारंटी वाले लोन पर बड़ा अपडेट, चार कंपनियों ने दिया सेटलमेंट ऑफर

ओमानी को-पायलट हम्मामी को लेकर बड़ा खुलासा! मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ाव, चरमपंथ और आतंकवाद से था प्रभावित

काफी दिनों से बीमार थी अभिजीत की दादी, अंतिम संस्कार का समय तय; प्रोटेस्ट छोड़ परिवार को चुनेंगे CJP चीफ?