बैलेट पेपर पर सही वोटिंग करने का तरीका सोर्स: AI
पुणे

महाराष्ट्र विधान परिषद स्नातक चुनाव: बैलेट पेपर पर कैसे करें सही वोटिंग? जानिए अमान्य वोट से बचने के नियम

Ballot Paper Voting Rules: पुणे विधान परिषद स्नातक चुनाव में ईवीएम नहीं, बैलेट पेपर से वोटिंग होगी। जानें विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले के बताए वो जरूरी नियम जिनसे आपका वोट अमान्य होने से बचेगा।

आकाश मसने

How To Cast Valid Vote On Ballot Paper: विधान परिषद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान की प्रक्रिया सामान्य चुनावों से अलग होती है। इसमें मतदाता को ईवीएम पर बटन दबाने के बजाय मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम के सामने पसंद का क्रम दर्ज करना होता है। मतदाताओं, विशेषकर पहली बार मतदान करने वालों को इस प्रक्रिया की जानकारी लेकर ही मतदान करने का आह्वान पुणे चुनाव निर्णय अधिकारी तथा विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले ने किया है।

पहले पसंद के उम्मीदवार के सामने ‘1’ लिखें

मतदाता को अपनी पहली पसंद के उम्मीदवार के नाम के सामने पसंद क्रम वाले खाने में ‘1’ लिखना अनिवार्य है। यह अंक केवल एक ही उम्मीदवार के सामने लिखा जाना चाहिए। इसके बाद इच्छानुसार दूसरी, तीसरी और आगे की पसंद के उम्मीदवारों के सामने ‘2’, ‘3’, ‘4’ आदि अंक लिखे जा सकते हैं। 

कितने उम्मीदवार चुने जाने हैं, इसकी संख्या के आधार पर पसंद क्रम सीमित नहीं है। चुनाव लड़ रहे जितने उम्मीदवार हैं, मतदाता चाहे तो उन सभी को पसंद क्रम दे सकता है। हालांकि पहली पसंद यानी ‘1’ दर्ज करना अनिवार्य है, जबकि दूसरी और आगे की पसंद देना ऐच्छिक है।

केवल निर्धारित बैंगनी स्केच पेन का इस्तेमाल

बैलेट पेपर पर पसंद क्रम दर्ज करने के लिए मतदान अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराया गया बैंगनी रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल करना होगा। पेन, पेंसिल, बॉलपॉइंट या किसी अन्य लेखन सामग्री का इस्तेमाल करने पर मतपत्र अमान्य हो सकता है। पसंद क्रम केवल अंकों में ही दर्ज करें। ‘एक’, ‘दो’, ‘तीन’ जैसे शब्दों में पसंद क्रम न लिखें। अंक अंतरराष्ट्रीय रूप 1, 2, 3, रोमन रूप I, II, III, देवनागरी १, २, ३ या संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्य किसी भारतीय भाषा में प्रचलित अंक रूप में दर्ज किए जा सकते हैं। 

‘√’ या ‘X’ लगाने से वोट अमान्य

उम्मीदवार के नाम के सामने केवल √ या X का निशान लगाना पर्याप्त नहीं है। पसंद क्रम केवल अंक के रूप में ही दर्ज करना होगा। मतपत्र पर अपना नाम, आद्याक्षर, कोई अन्य शब्द या हस्ताक्षर नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अंगूठे का निशान भी नहीं लगाना चाहिए। मतदाता की पहचान उजागर करने वाली कोई भी अतिरिक्त निशानी या लेखन मतपत्र को अमान्य कर सकता है। 

वोटिंग के समय इन गलतियों से बचें

  • ‘1’ किसी भी उम्मीदवार के सामने नहीं लिखा गया हो।

  • ‘1’ एक से अधिक उम्मीदवारों के सामने लिखा गया हो।

  • ‘1’ किस उम्मीदवार के लिए है, यह स्पष्ट नहीं हो।

  • एक ही उम्मीदवार के सामने ‘1’ के साथ ‘2’, ‘3’ आदि भी लिख दिए गए हों।

  • पसंद क्रम अंकों के बजाय शब्दों में लिखा गया हो।

  • मतदाता की पहचान बताने वाली कोई निशानी, नाम, हस्ताक्षर या अन्य लेखन किया गया हो।

  • मतदान अधिकारी द्वारा दिए गए बैंगनी स्केच पेन के बजाय किसी अन्य साधन से अंक लिखे गए हों।

मतपत्र भरते समय अंक स्पष्ट दर्ज करना जरूरी

पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने ‘1’ लिखना अनिवार्य है। इसके बाद अन्य पसंद क्रम देना मतदाता की इच्छा पर निर्भर है। इसलिए मतपत्र भरते समय अंक स्पष्ट रूप से और निर्धारित तरीके से दर्ज करना जरूरी है।

- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सैय्यद की रिपोर्ट

Jantar Mantar Protest LIVE: SIR को लेकर हंगामा, सौरभ भारद्वाज हिरासत में

1 जीरा, 2 अजवाइन, मर्द जात दो रिजाइन, जंतर-मंतर से DU तक नारों की धूम, दिल्ली के प्रोटेस्ट ने खींचा सबका ध्यान

Captain Smit Machchhar: पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से की बात, बताया हमले के दौरान हिम्मत कहां से मिली

AAP नेता सौरभ भारद्वाज हिरासत में, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे थे जंतर-मंतर

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 8 साल पुराने केस में कोर्ट की बड़ी कार्रवाई