Pune e-Praman Digital Document Services: पुणे महाराष्ट्र में पंजीकरण और स्टांप विभाग की सेवाओं को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पुणे में ई-प्रमाण' सुविधा सहित तीन महत्वपूर्ण उपक्रमों का शुभारंभ किया।
इसके साथ ही राज्य के पहले मॉडल स्टांप एवं पंजीकरण कार्यालय का भी पुणे के कोथरूड स्थित रिव्होलेशन मॉल में उद्घाटन किया गया। मॉडल कार्यालय का उद्घाटन महापौर मंजुषा नागपुरे ने किया। 'ई-प्रमाण' परियोजना के माध्यम से अब नागरिकों को पंजीकृत दस्तावेज, सूची क्रमांक-2 और विवाह प्रमाणपत्र की
डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इन प्रतियों को एसएमएस लिंक अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से घर बैठे प्राप्त किया जा सकेगा। डिजिटल हस्ताक्षर और ब्लॉकचेन तकनीक के इस्तेमाल से इन प्रमाणित प्रतियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और छेड़छाड़ से मुक्त रखने की व्यवस्था की गई है।
इस सुविधा से नागरिकों को प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने के लिए इससे समय और श्रम की बचत के साथ ही प्रशासन को भी बढ़ावा मिलेगा विभाग के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था से अभिलेखों की सुरक्षा, प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने और राजस्व में वृद्धि में भी मदद मिलेगी।
पंजीकरण एवं स्टांप विभाग के वर्ष 1865 से 2001 तक उपलब्ध पुराने पंजीकरण अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित शासकीय छायाचित्र पंजीकरण कार्यालय में उपलब्ध पुराने अभिलेखों को भी डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किया जा रहा है।
इससे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का लंबे समय तक संरक्षण संभव होगा तथा नागरिकों को पुराने अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां अधिक तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
महाराष्ट्र लोकसेवा अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत पंजीकरण एवं स्टांप विभाग की अधिसूचित सेवाओं की भी समीक्षा की गई है। गवर्नेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग (जीपीआर) के तहत समान सेवाओं को एकीकृत करने, अनावश्यक सेवाओं को हटाने, प्रक्रिया को सरल बनाने और आवश्यक दस्तावेजों तथा डेटा एंट्री के क्षेत्रों को कम करने पर काम किया गया है। सेवा मंजूरी के चरण कम करने, तकनीकी प्रणालियों के एकीकरण और ऑनलाइन सेवा वितरण पर भी जोर दिया गया है।
बावनकुले ने कहा कि पुणे का पहला मौडल कार्यालय भविष्य में राज्य के अन्य पंजीकरण कार्यालयों के आधुनिकीकरण के लिए दिशादर्शक बनेगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही कार्यालयीन कामकाज को अधिक पारदर्शी, कार्यक्षम और तकनीक आधारित बनाना है।
'वन डिस्ट्रिक्ट वन रजिस्ट्रेशन' से मिलेगी राहत
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन रजिस्ट्रेशन' व्यवस्था से नागरिकों को बड़ी सुविधा मिली है।
अब जिले के भीतर स्थित किसी भी संपत्ति के दस्त की रजिस्ट्री उसी जिले के किसी भी सक्षम पंजीकरण कार्यालय में कराई जा सकती है। यानी संपत्ति जिस स्थान पर स्थित है,
उसी स्थान के कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री कराने की बाध्यता नहीं रहेगी। पुणे जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बारामती की संपत्ति की रजिस्ट्री पुणे में कराई जा सकती है।
इसी तरह इंदापुर, दौंड, जुन्नर, मावल, खेड़ या जिले के किसी भी हिस्से की संपत्ति का पंजीकरण नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार जिले के किसी भी सक्षम कार्यालय में करा सकेंगे। इससे समय और यात्रा खर्च की बचत होगी तथा पंजीकरण प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।