तिरंगे का सफर: एक झंडा, 120 साल की कहानी, 1906 से 1947 तक ऐसे बदला भारत का राष्ट्रीय ध्वज...

Indian National Flag History: तिरंगे का सफर 1906 से शुरू होकर 1947 में अपने मौजूदा स्वरूप तक पहुंचा। जानिए कैसे कई प्रयोगों, आंदोलनों और विचारों से भारत के राष्ट्रीय ध्वज की पहचान बनी।
Indian National Flag History
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास(सोर्स: AI)
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Indian National Flag In 1906
7 अगस्त 1906 को कोलकाता के पारसी बागान स्क्वायर में पहली बार कलकत्ता ध्वज फहराया गया। इसका डिज़ाइन सचिन्द्र प्रसाद बोस और सुकुमार मित्रा ने तैयार किया। इसमें हरा, पीला और लाल रंग, 'वंदे मातरम्', आठ कमल, सूर्य और अर्धचंद्र अंकित थे।(सोर्स: AI)
Indian National Flag In 1907
22 अगस्त 1907 को मैडम भीकाजी कामा ने जर्मनी के स्टुटगार्ट में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में भारत का ध्वज फहराकर विश्व मंच पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज़ बुलंद की।(सोर्स: AI)
Indian National Flag In 1917
1917 में होम रूल ध्वजः- डॉ. एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक ने होम रूल आंदोलन के दौरान इस ध्वज को प्रस्तुत किया। इसमें लाल और हरी पट्टियाँ, यूनियन जैक, अर्धचंद्र व सितारा तथा सप्तऋषि तारामंडल दर्शाया गया था।(सोर्स: AI)
Indian National Flag In 1921
1921 में पिंगली वेंकैया का ध्वजः- पिंगली वेंकैया ने बेज़वाड़ा (वर्तमान विजयवाड़ा) में आयोजित AICC अधिवेशन में अपना ध्वज डिज़ाइन महात्मा गांधी को प्रस्तुत किया। गांधीजी के सुझाव पर इसमें सफेद पट्टी और चरखा जोड़ा गया, जो शांति, एकता और स्वावलंबन का प्रतीक बना।(सोर्स: AI)
Indian National Flag In 1931
1931 में तिरंगा अपनाया गया:- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केसरिया, सफेद और हरे रंग के तिरंगे को, जिसके मध्य में चरखा था, आधिकारिक रूप से स्वतंत्रता आंदोलन के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया।(सोर्स: AI)
Indian National Flag In 1947
22 जुलाई 1947 राष्ट्रीय ध्वज अपनाया गयाः- संविधान सभा ने भारत के वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया। इसमें चरखे के स्थान पर 24 तीलियों वाला अशोक चक्र शामिल किया गया, जबकि केसरिया, सफेद और हरे रंग यथावत रखे गए।(सोर्स: AI)

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