Pune Khadakwasla Dam Chain Water Level: पुणे में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पुणे शहर को बड़ी राहत दी है। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली खड़कवासला डैम श्रृंखला के चारों प्रमुख बांध खड़कवासला, पानशेत, वरसगांव और टेमघर में जल स्तर तेजी से बढ़ा है। चारों बांधों में कुल उपयोगी जल भंडारण 23.42 टीएमसी, यानी लगभग 80.35 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो
पिछले वर्ष की समान अवधि के लगभग बराबर है। इससे पुणेवासियों की अगले एक वर्ष तक पेयजल की चिंता काफी हद तक समाप्त हो गई है। हालांकि गंदे पानी की आपूर्ति होने से लोगों के सामने स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। बता दें कि खड़कवासला डैम पूरी क्षमता से भर है। सुरक्षा के मद्देनजर मुठा नदी में स्पिलवे से 9,373 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
चुका पिछले 24 घंटों में चारों बांधों के जल भंडारण में 1.72 टीएमसी की वृद्धि हुई है। जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, नदी के तल में नहीं उतरने और सामान सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की है। भीमा घाटी के कलमोडी, चासकमान, वडीवले, वीर और खड़कवासला सहित पांच बांध पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि पवना, कासारसाई, भामा आसखेड, आंध्र और मुलशी बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी जमा हो चुका है।
बांधों के भरने से राहत जरूर मिली है, लेकिन भारी बारिश के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। जलाशयों में कच्चे पानी का मैलापन बढ़ने से हडपसर, कात्रज, वानवडी, सहकारनगर, लश्कर, येवलेवाडी, सिंहगढ़ रोड और शहर के कई मध्यवर्ती इलाकों में नलों से मटमैला पानी पहुंच रहा है। स्थायी समिति की बैठक और पर्वती जलशोधन केंद्र के निरीक्षण के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। इससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी के कारण पेट दर्द, - उल्टी, दस्त और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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| विभाग | उपयुक्त पानी स्टॉक |
|---|---|
| राज्य | 803 टीएमसी (56%) |
| पुणे | 368.5 टीएमसी (68%) |
| कोकण | 102.3 टीएमसी (79%) |
| नाशिक | 122.6 टीएमसी (58%) |
| नागपुर | 78.6 टीएमसी (47%) |
| अमरावती | 59.7 टीएमसी (43%) |
| संभाजीनगर | 71.1 टीएमसी (28%) |