Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati Temple: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में ऋषि पंचमी का पर्व अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति मंदिर के बाहर मंगलवार सुबह ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जब 35,000 से अधिक महिलाओं ने एक साथ उपस्थित होकर भगवान गणेश के अति-पवित्र 'गणपति अथर्वशीर्ष' का सामूहिक पाठ किया। इस पावन अवसर पर पारंपरिक परिधानों में पहुंचीं महिलाओं के कारण मंदिर से लेकर नाना वाड़ा तक का पूरा इलाका भक्ति और रंगों के अनूठे संगम में तब्दील हो गया।
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का यह 41वां वर्ष था, जिसे ट्रस्ट के 134वें गणेशोत्सव के तहत आयोजित किया गया। पाठ में हिस्सा लेने के लिए महिलाएं केवल पुणे से ही नहीं, बल्कि मुंबई, सातारा, कोल्हापुर और लातूर से भी पहुंची थीं। हल्की बारिश के बावजूद कई महिलाएं तड़के 2 बजे से ही कतारों में आकर खड़ी हो गई थीं।
समारोह का शुभारंभ शंखनाद और ओंकार जाप के साथ हुआ। इसके बाद "गणराजा गणनायका" और "मोरया रे बाप्पा मोरया रे" जैसे भक्ति गीतों ने माहौल को पूरी तरह गणेशमयी बना दिया। इसके उपरांत, "ॐ नमस्ते गणपतये", "मोरया मोरया" और "ॐ गं गणपतये नमः" के दिव्य जयघोष के बीच सामूहिक अथर्वशीर्ष पाठ शुरू हुआ। पाठ के समापन पर हजारों महिलाओं ने हाथ उठाकर तालियों की गूंज के साथ महाआरती में भाग लिया।
इस भव्य कार्यक्रम में पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे, विभागीय आयुक्त शीतल तेली-उगले, और ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। महापौर मंजुषा नागपुरे ने कहा कि जब महिलाएं त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं तभी उत्सव पूर्ण होता है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस उपायुक्त (जोन 1) कृषिकेश रावले को उत्कृष्ट सुरक्षा और व्यवस्था के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी सहित सुवर्णयुग तरुण मंडल के अनेक पदाधिकारी और स्वयंसेवक व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।