Pimpri Mahavitaran Industrial Area Chakan MIDC Power Outage: पिंपरी-चाकण एमआईडीसी में महावितरण की कथित लापरवाही और खराब योजना के कारण औद्योगिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गुरुवार सुबह मरम्मत कार्य के लिए बंद की गई बिजली 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बहाल नहीं हो सकी। शुक्रवार देर रात तक कई औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया।
लंबे बिजली संकट का सबसे अधिक असर मर्सिडीज-बेंज परिसर सहित करीब 700 से 800 औद्योगिक इकाइयों पर पड़ा। मशीनें बंद होने के कारण हजारों कर्मचारियों को बिना काम के इंतजार करना पड़ा। उद्योग संगठनों का दावा है कि उत्पादन रुकने, निर्यात ऑर्डर प्रभावित होने और समय पर माल की आपूर्ति नहीं हो पाने से 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
पिंपरी-चाकण महावितरण के उपकार्यकारी अभियंता प्रकाश शेलके ने कहा कि केवल एक केबल फटने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी और इससे महज 20 से 30 कंपनियां प्रभावित हुईं।
हालांकि, चाकण एमआईडीसी उद्योजक संगठन के अध्यक्ष जयदेव अक्कलकोटे ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उनका सवाल है कि यदि केवल एक फीडर में खराबी थी, तो उसकी मरम्मत में 36 घंटे से अधिक समय क्यों लगा।
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उद्योगपतियों के अनुसार, देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल चाकण एमआईडीसी में इतनी लंबी बिजली कटौती से उत्पादन चक्र पूरी तरह प्रभावित हुआ। कई कंपनियों के निर्यात ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो सके, जिससे व्यावसायिक नुकसान के साथ उनकी विश्वसनीयता पर भी असर पड़ने की आशंका है।
उद्यमियों ने महावितरण से बिजली आपूर्ति बाधित होने के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति उत्पादन, रोजगार और निवेश के लिए अत्यंत आवश्यक है।