Pune BJP 69 Workers Suspended प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो) 
पुणे

Pune BJP Crisis: बीजेपी की बड़ी कार्रवाई, अमोल बलवाडकर सहित 69 बागी कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए निकाला

Pune BJP 69 Workers Suspended: पुणे बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अमोल बलवाडकर समेत 69 बीजेपी कार्यकर्ताओं को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

अनिल सिंह

Amol Balwadkar Expelled BJP: पुणे की राजनीति में चुनावी सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अनुशासन का डंडा चलाते हुए एक बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है। पार्टी ने आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ विद्रोह करने और निर्दलीय प्रत्याशियों का साथ देने के आरोप में 69 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस सूची में पूर्व पार्षद अमोल बलवाडकर जैसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिन्हें 6 साल के लिए निलंबित किया गया है।

पार्टी के इस कड़े फैसले से पुणे के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

भीतरघात पर वार: क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?

चुनावों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद से ही पुणे बीजेपी के भीतर असंतोष के स्वर उठ रहे थे। कई निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं ने पार्टी के आधिकारिक चयन को चुनौती देते हुए समानांतर प्रचार शुरू कर दिया था। पार्टी की अनुशासन समिति को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ये 69 कार्यकर्ता न केवल प्रचार में बाधा डाल रहे हैं, बल्कि विपक्षी और स्वतंत्र उम्मीदवारों को गुप्त रूप से मदद भी पहुँचा रहे हैं। संगठन को कमजोर होने से बचाने के लिए प्रदेश नेतृत्व की सहमति के बाद शहर इकाई ने इन सभी को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का आदेश जारी किया।

पुणे की हॉट सीटों पर असर और 'डैमेज कंट्रोल'

बीजेपी का यह निर्णय केवल सजा नहीं, बल्कि एक 'डैमेज कंट्रोल' रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

वोटों का बंटवारा रोकना: निलंबन के जरिए पार्टी ने मतदाताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि आधिकारिक उम्मीदवार ही पार्टी का चेहरा है।

अनुशासन का संदेश: चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई से अन्य असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी गई है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबित नेताओं में शाखा अध्यक्ष, वार्ड स्तर के प्रभावशाली कार्यकर्ता और पूर्व पदाधिकारी शामिल हैं, जो कोथरुड, हडपसर और शिवाजीनगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय थे।

निष्कासित प्रमुख चेहरों की सूची

69 लोगों की इस लंबी सूची में कुछ ऐसे नाम हैं जो स्थानीय स्तर पर काफी मजबूत पकड़ रखते हैं। निष्कासित किए गए मुख्य नामों में अमोल बलवाडकर, धनंजय जाधव, कादंबरी साल्वी, संदीप लोनकर और बालासाहेब घोडके जैसे नेता शामिल हैं। इन सभी पर अब 6 साल तक पार्टी के किसी भी कार्यक्रम या सांगठनिक बैठक में शामिल होने पर प्रतिबंध रहेगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बीजेपी के लिए 'दोधारी तलवार' साबित हो सकता है; जहाँ एक ओर अनुशासन मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर ये नाराज कार्यकर्ता विपक्षी गठबंधन को फायदा पहुँचा सकते हैं।

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