पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े का वीडियो वायरल हुआ।
भाजपा प्रत्याशी मतदान केंद्र के भीतर कमल निशान वाला गमछा पहनकर वोट डालने पहुंचे।
पार्टी प्रतीक चिह्न के साथ मतदान करने पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का हंगामा मचा।
BJP Candidate Kaustubh Gawde Casting Vote Wearing Party Symbol: महाराष्ट्र में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दौरान एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पुणे शिक्षक विधानपरिषद निर्वाचन क्षेत्र से BJP के उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में भाजपा प्रत्याशी कौस्तुभ गावड़े अपने गले में पार्टी का चुनाव चिह्न यानी कमल के निशान वाला गमछा पहनकर मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश करते और अपना वोट डालते हुए दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, वे मतदान केंद्र परिसर के अंदर इस दलीय प्रतीक चिह्न के साथ फोटो के लिए पोज देते हुए भी नजर आ रहे हैं।
निर्वाचन नियमों के अनुसार मतदान केंद्र परिसर में किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न या प्रचार सामग्री को प्रदर्शित करने पर पूर्ण पाबंदी होती है, फिर भी भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े बिना किसी हिचकिचाहट के कमल छाप का गमछा पहने पोलिंग बूथ के अंदर पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इस घटना के बाद मतदान केंद्र पर तैनात निर्वाचन आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि वे इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मूकदर्शक बने रहे और कोई रोक-टोक नहीं की।
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आते ही नेटिजन्स और आम लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। लोगों ने आक्रोश जताते हुए सवाल उठाया है कि क्या भाजपा उम्मीदवार देश के कानून और संविधान से भी ऊपर हैं? सोशल मीडिया यूजर्स ने पूछा कि जब आम जनता और विरोधी पक्षों के लिए नियम बेहद सख्त होते हैं, तो सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार के लिए अलग न्याय और विशेषाधिकार क्यों दिए जा रहे हैं?
नेटिजन्स ने चुनाव आयोग से सीधे सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या मतदान केंद्र के अंदर पार्टी का चुनाव चिह्न पहनकर जाना मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का खुला उल्लंघन नहीं है? कई यूजर्स ने लिखा कि जब पोलिंग बूथ के अहाते में पार्टी प्रतीकों पर पाबंदी है, तो भाजपा उम्मीदवार को यह छूट कैसे मिल गई? इसके अलावा, सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों और ज्ञानेश कुमार को टैग करते हुए पूछा गया है कि क्या चुनाव आयोग इस मामले में कोई कड़ी कार्रवाई करेगा या चुप्पी साधे रहेगा।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों के रवैये की कड़ी आलोचना हो रही है। लोग पूछ रहे हैं कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी नियमों का कड़ाई से पालन कराने में विफल क्यों रहे और क्या आयोग इस खुले उल्लंघन पर कोई सख्त कदम उठाएगा।
चुनाव आयोग के गलत इस्तेमाल के भाजपा पर लग रहे आरोपों की पुष्टि हो रही है, ऐसा लोगों में चर्चा छिड़ गई है। हालांकि, यह VIDEO सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, पर नवभारत इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता।