BARTI Skill Development Training Pune: पुणे में बदलती नौकरी के बाजार में सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि हुनर की जरूरत है। इस बात को ध्यान में रखते हुए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी) ने अनुसूचित जाति के युवाओं को बड़ी राहत दी है। संस्थान के कौशल विकास कार्यक्रम के जरिए पिछले चार वर्षों (2022 से 2026) में 14,189 युवाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया है।
इनमें से लगभग 9,000 युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के साधन मिले हैं। अकेले 2025-26 के वर्ष में रिकॉर्ड 7,000 छात्रों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। इस पूरे अभियान पर करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च किया गया है। इस बात की विस्तृत जानकारी बार्टी संस्थान की ओर से दी गई है।
बार्टी की ओर से राज्यभर में 104 प्रकार के कौशल पाठ्यक्रम चलाए गए। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, फुल स्टैक डेवलपमेंट, इलेक्ट्रक वाहन, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाएं शामिल हैं। निजी संस्थानों में इन कोर्स की फीस 20,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक होती है। बार्टी ने यह पूरा प्रशिक्षण छात्रों को मुफ्त दिया है।
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विभाग अध्यक्ष डॉ. बबन जोगदंड ने बाताया की आज उद्योगों को तुरंत काम करने के लिए तैयार कुशल लोगों की जरूरत है। हमारा मुख्य उद्देश्य है कि पैसों की कमी के कारण कोई भी योग्य छात्र प्रशिक्षण से वंचित न रहे।
अनिल कांबले ने बाताया की जिस एआई और डेटा एनालिटिक्स कोर्स के लिए निजी संस्थानों में लाखों रुपये लगते हैं, वह 66 मुझे बाटी से मुफ्त मिला। स्टाइपेड से परिवार पर बोझ नहीं पड़ा और कोर्स के बाद आईटी कंपनी में नौकरी मिल गई।