पुणेवासियों के लिए राहत: टेमघर बांध में जल स्तर 50% पहुंचा, एक महीने की पानी की आपूर्ति हुई सुरक्षित

Temghar Dam Water Level Pune: मुळशी के टेमघर बांध का जल स्तर 50% तक पहुंचा। लगातार बारिश से 1.81 TMC पानी जमा हुआ, जिससे पुणे शहर के लिए एक महीने की जलापूर्ति सुरक्षित हो गई है।
Temghar Dam in Pune reaches 50% water storage capacity after heavy rainfall, securing one month of drinking water supply for the city
टेमघर बांध प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Temghar Dam Capacity 50 Percent: पुणे में नलवार्डे (तालुका मुळशी) स्थित टेमघर डैम का जलस्तर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, डैम के कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण बुधवार (22 जुलाई) सुबह तक डैम में 48।91 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है।

यह जल भंडार पुणे शहर के निवासियों की एक महीने की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए पूरी तरह से पर्याप्त है, जिससे शहरवासियों को पानी की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इस मानसून सत्र में डैम के कैचमेंट एरिया में अब तक कुल 1,536 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप डैम में 1।81 टीएमसी पानी एकत्र हो चुका है।

10 मीटर उंचाई बढ़ाने से जल भंडारण क्षमता में इजाफा

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में इस डैम की ऊंचाई 10 मीटर बढ़ाई गई थी, जिससे इसकी कुल जल भंडारण क्षमता में 1.5 टीएमसी की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई थी। दूसरी ओर, डैम के रिसाव (लीकेज) की समस्या को नियंत्रित करने के लिए पिछले लगातार तीन वर्षों तक ग्राउटिंग का काम बड़े पैमाने पर किया गया था।

इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और लगभग 93 प्रतिशत रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन अभी भी 7 प्रतिशत रिसाव जारी है।

टेमघर परियोजना उप-विभाग क्रमांक 1 के उप अभियंता गणेश गवली ने बताया कि शेष 7 प्रतिशत रिसाव को रोकने के लिए पिछले महीने ग्राउटिंग का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन फिलहाल बारिश का मौसम शुरू होने के कारण इस कार्य को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। मानसून समाप्त होने के बाद, दिसंबर महीने से ड्रिलिंग, ग्राउटिंग और शॉटक्रीट का बचा हुआ काम फिर से तेजी से शुरू किया जाएगा।

दिसंबर से दोबारा शुरू होगा काम

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, मानसून समाप्त होने के बाद दिसंबर से ड्रिलिंग, ग्राउटिंग और शॉटक्रीट का शेष कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का विश्वास है कि इसके बाद डैम में होने वाले रिसाव को और कम किया जा सकेगा तथा जल भंडारण क्षमता का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा।

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