श्रीनिवास पवार (सोशल मीडिया) 
पुणे

अभी बोलने की जरूरत नहीं थी, रोहित और जय पवार के 2029 वाले बयान पर श्रीनिवास पवार नाराज, दी बड़ी नसीहत

Shriniwas Pawar Statement News: बारामती उपचुनाव के बीच पवार बनाम पवार के बयानों पर श्रीनिवास पवार ने जताई नाराजगी। उन्होंने रोहित और जय पवार को नसीहत देते हुए कहा कि अभी ये सब बोलने का समय नहीं था।

गोरक्ष पोफली

Shriniwas Pawar Statement: बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए आज (23 अप्रैल, 2026) मतदान के दौरान पवार परिवार के बीच का राजनीतिक तनाव एक बार फिर सतह पर आ गया है। विधायक रोहित पवार और जय पवार द्वारा साल 2029 के चुनावों में 'पवार बनाम पवार' की संभावना पर दिए गए बयानों पर अब अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार ने तीखी नाराजगी व्यक्त की है।

श्रीनिवास पवार ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है, हम सभी मिलकर दादा (अजित पवार) के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे समय में भविष्य के संघर्ष की बातें करना पूरी तरह अनावश्यक था। उन्होंने कहा, "अभी तीन साल का लंबा समय बाकी है, आज के दिन ये सब बोलने की कोई जरूरत नहीं थी।"

भाजपा को दोष देने से क्या फायदा?

रोहित पवार के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'भाजपा चाहती है कि पवार परिवार आपस में लड़े', श्रीनिवास पवार ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर आपको पता है कि लोगों की ऐसी इच्छा नहीं है और कोई बाहरी शक्ति फायदा उठाना चाहती है, तो फिर आप खुद ऐसे बयान क्यों दे रहे हैं? श्रीनिवास पवार ने नसीहत देते हुए कहा, अगर आपको समझ आ रहा है कि कोई कुछ गलत करने की कोशिश कर रहा है, तो पवार परिवार को एक साथ बैठकर समझदारी से काम लेना चाहिए। भाजपा को दोष देने से क्या फायदा जब आप खुद ही ऐसी बातें कर रहे हैं?

साहब (शरद पवार) को बिना बताए दिए गए बयान

श्रीनिवास पवार ने यह भी खुलासा किया कि रोहित और जय पवार ने जो भी बयान दिए हैं, वे शरद पवार की सहमति के बिना दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि परिवार में संवाद हमेशा रहता है, लेकिन राजनीतिक निर्णय पिछले 60 वर्षों से केवल 'साहब' (शरद पवार) ही लेते आए हैं।

उन्होंने कहा, कल साहब की तबीयत ठीक नहीं थी और वे अस्पताल में भर्ती थे। मुझे लगता है कि वे इन दोनों (रोहित और जय) से इस बारे में बात करेंगे क्योंकि उन्होंने साहब से पूछे बिना ये बयानबाजी की है।

रोहित पवार की बारामती में बढ़ती सक्रियता

जब श्रीनिवास पवार से पूछा गया कि क्या रोहित पवार बारामती से चुनाव लड़ना चाहते हैं, क्योंकि उनके दौरे बढ़ गए हैं, तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला समय ही करेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि रोहित की सक्रियता बारामती में बढ़ी है, और शायद वे साहब (शरद पवार) के निर्वाचन क्षेत्र को संभालने की जिम्मेदारी लेना चाहते हों।

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