Sunetra Pawar Appeals To Supporters: महाराष्ट्र के पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने सोमवार को एनसीपी कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से अपील की कि परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस न निकालें। उन्होंने मतदाताओं द्वारा उन पर जताए गए विश्वास को अपने दिवंगत पति अजित पवार की स्मृति को समर्पित किया और लोगों से संयम बरतने और उनके आदर्शों को प्रतिबिंबित करने वाले आचरण को बनाए रखने का आग्रह किया।
सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव में 2 लाख 18 हजार 930 वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उनके खिलाफ किसी भी प्रमुख विपक्षी दल ने उम्मीदवार नहीं उताया था। कांग्रेस ने पहले उम्मीदवार की घोषणा की थी पर भाजपा और महायुति की ओर से निर्विरोध चुनाव के लिए किए गए प्रयाासों के बाद कांग्रेस ने प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था।
बता दें कि 28 जनवरी 2026 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार का पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट के पास एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गए थे। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही थी। बारामती पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। हालांकि किसी भी प्रमुख राजनीतिक पार्टी ने उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारे थे।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि आज परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। मैं आपके वोटों के माध्यम से मुझ पर जताए गए विश्वास को आदरणीय अजित दादा (जैसा कि उन्हें प्यार से पुकारा जाता था) की पवित्र स्मृति को समर्पित करती हूं।
सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह क्षण उनके समर्थकों के लिए भावुक कर देने वाला है क्योंकि इससे दिवंगत नेता की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से, जो दादा से बेहद प्यार करते थे, विनम्र निवेदन करती हूं कि वे विजय जुलूस न निकालें और न ही जश्न मनाएं। आइए हम संयम बरतें और उनके आदर्शों के अनुरूप आचरण करें। उन्होंने जनादेश देने के लिए मतदाताओं का धन्यवाद भी किया और कहा कि यह निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक नए दौर की शुरुआत है।
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सुनेत्रा पवार ने कहा कि दादा के सपने को साकार करने का अवसर देने के लिए मैं बारामती के लोगों का तहे दिल से आभार व्यक्त करती हूं। यह अंत नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, संघर्ष और एक नए बारामती की शुरुआत है।