Pune Stationery Price Hike: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले पुणे के बाजारों में स्कूल सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है। कॉपियां, किताबें, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म, जूते और स्टेशनरी खरीदने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक बच्चों के साथ बाजार पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार स्कूल सामग्री की बढ़ी कीमतों ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। शैक्षणिक सामग्री 30% महंगी हुई अभिभावकों का कहना है कि महंगाई के कारण बच्चों की पढ़ाई का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।
पुणे शहर के प्रमुख पुस्तक एवं शैक्षणिक सामग्री बाजार अप्पा बलवंत चौक में इन दिनों खरीदारों की अच्छी-खासी भीड़ दिखाई दे रही है। अधिकांश स्कूलों द्वारा आवश्यक सामग्री की सूची जारी किए जाने के बाद अभिभावक समय रहते खरीदारी करने में जुट गए हैं। हालांकि कॉपियों, किताबों और अन्य सामग्री की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
विक्रेताओं के अनुसार कागज, मुद्रण, परिवहन और अन्य कच्चे माल की लागत बढ़ने का असर सीधे स्कूल सामग्री की कीमतों पर पड़ा है। पिछले वर्ष ए-फोर आकार की कॉपियों का एक दर्जन सेट करीब 600 रुपये में मिलता था, जो अब 720 रुपये तक पहुंच गया है। एक बच्चे की शैक्षणिक सामग्री पर ही तीन से पांच हजार रुपये तक खर्च हो रहा है, जबकि पुणे स्कूल फीस और परिवहन शुल्क अलग से देना पड़ता है।
| शैक्षणिक सामग्री | अनुमानित खर्च (रु.) |
|---|---|
| कॉपियां और पुस्तकें | 3,000 – 4,000 |
| यूनिफॉर्म | 1,200 |
| स्कूल बैग | 300 – 900 |
| स्टेशनरी व अन्य सामग्री | 1,100 |
| कुल अनुमानित खर्च | 5,600 – 7,200 |
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