नाटक के निर्माता राहुल भंडारे, निर्देशक चिन्मय मांडलेकर और अभिनेत्री श्रद्धा हांडे (फोटो नवभारत)
पुणे

मराठी बाल रंगमंच में बनेगा विश्व रिकॉर्ड, पुणे में 7,000 बच्चों को मुफ्त में दिखाया जाएगा अलबत्या-गलबत्या नाटक

Albatya Galbatya Pune Shows: पुणे में 15 अक्टूबर को ‘अलबत्या-गलबत्या’ के लगातार सात प्रयोग आयोजित होंगे। इस पहल के तहत पुणे महानगरपालिका स्कूलों के 7,000 विद्यार्थियों को मुफ्त नाटक दिखाया जाएगा।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • पुणे में 15 अक्टूबर को अलबत्या-गलबत्या के सात प्रयोग होंगे।

  • पुणे महानगरपालिका स्कूलों के 7,000 विद्यार्थियों को मुफ्त प्रवेश मिलेगा।

  • नाटक के अब तक 993 प्रयोग हो चुके हैं, सात नए शो का लक्ष्य विश्व रिकॉर्ड बनाना है।

Albatya Galbatya World Record Shows On 15: मराठी बाल रंगमंच पर लोकप्रियता का इतिहास रचने वाले नाटक ‘अलबत्या-गलबत्या’ के एक ही दिन, एक ही स्थान पर लगातार सात प्रयोग प्रस्तुत कर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की गई है।

गुरुवार, 15 अक्टूबर को पुणे के बालगंधर्व रंगमंदिर में इन प्रयोगों का आयोजन होगा। इस दौरान पुणे महानगरपालिका के स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 7,000 विद्यार्थियों को नि:शुल्क नाटक देखने का अवसर मिलेगा।

महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक, सर्वस्व प्रॉडक्शन और अद्वैत थिएटर्स की ओर से पुणे महानगरपालिका के सहयोग से यह पहल की जा रही है। महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक विद्याधर अनास्कर ने पत्रकार परिषद में इसकी जानकारी दी। इस अवसर पर नाटक के निर्माता राहुल भंडारे और अभिनेत्री श्रद्धा हांडे उपस्थित थीं।

अब तक 993 प्रयोग, सात शो का लक्ष्य

लेखक रत्नाकर मतकरी की कलम से साकार हुआ ‘अलबत्या-गलबत्या’ पिछले पांच दशकों से बाल दर्शकों की कई पीढ़ियों का मनोरंजन कर रहा है। 23 मई 2018 को यह नाटक नए रूप में रंगमंच पर लौटा था। इसके बाद 365 दिनों में 333 प्रयोगों का पड़ाव पार करने वाले इस नाटक के अब तक 993 प्रयोग हो चुके हैं।

निर्माता राहुल भंडारे और निर्देशक चिन्मय मांडलेकर ने इसे नए स्वरूप में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया है। विश्व रिकॉर्ड के उद्देश्य से सुबह 7 बजे से रात तक सात प्रयोग आयोजित किए जाएंगे।

इनके समय सुबह 7 बजे, 9.15 बजे, 11.30 बजे, दोपहर 2 बजे, शाम 4.15 बजे, 6.30 बजे और रात 8.45 बजे निर्धारित किए गए हैं। सातों प्रयोगों में कलाकारों का एक ही समूह प्रस्तुति देगा, जबकि हर शो में नए बाल दर्शक शामिल होंगे।

चुड़ैल की भूमिका को मिली खास लोकप्रियता

नाटक में प्रसिद्ध अभिनेता चिन्मय मांडलेकर द्वारा निभाई गई चुड़ैल की भूमिका दर्शकों के बीच खास लोकप्रिय हुई है। ऋद्धेश गोपालराव, स्नेहभूषण मुणगेकर और श्रद्धा हांडे भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। संवाद, गीत, हास्य और कल्पनाशील दृश्यों के माध्यम से बच्चों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें सकारात्मक सोच का संदेश दिया जाता है।

बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल

अनास्कर ने कहा कि बचपन में रंगमंच से जुड़ने पर बच्चों की कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और संवेदनशीलता विकसित होती है। इससे उनके मन का डर और हीनभावना दूर करने तथा आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है।

इसलिए यह पहल केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुणे मनपा स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नाट्यकला से परिचित कराने का प्रयास भी है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को ‘रंजू आणि वैशूचे झाड’ नामक चित्र-पुस्तक भी वितरित की जाएगी।

आनंद सफर से बच्चों को मिलेगा नाट्यकला का अनुभव

‘स्वस्थ बचपन, सक्षम महाराष्ट्र की नींव’ की अवधारणा के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में एक हजार दिनों का कार्यक्रम चलाने की योजना है। इसके अंतर्गत ‘आनंद सफर’ पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को नाट्यकला का अनुभव दिया जाएगा। बच्चों की रचनात्मकता, संवाद कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाना इस पहल का उद्देश्य है।

नाटक के गीतों का भी इसकी लोकप्रियता में अहम योगदान रहा है। रत्नाकर मतकरी, चिन्मय मांडलेकर, समृद्धि पांडे, सोनल गायकवाड और संस्कारी द्वारा लिखे गए गीत बाल दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। एक ही दिन में सात प्रयोगों का आयोजन मराठी बाल रंगमंच के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट

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