Pune Municipal Corporation: पुणे शहर की जर्जर सड़कों और जानलेवा गड्डों की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने महानगर पालिका प्रशासन और सत्ताधारियों पर तीखा हमला बोला है। आप के महाराष्ट्र प्रवक्ता मुकुंद किर्दत ने आरोप लगाया कि हर साल मानसून से पहले सड़कें दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश खत्म होने के मोड़ पर आने के बाद अब प्रशासन को सुध आई है।
नियमों को ताक पर रखकर बिना कोई टेंडर निकाले सीधे लगभग 16 करोड़ रुपये के काम अपने चहेतों को बांटने की तैयारी की जा रही है।
मुकुंद किर्दत ने कहा कि हर साल बारिश में गड्डों का अंबार लग जाता है और प्रशासन 10-15 दिनों में इन्हें भरने का झुनझुना थमा देता है। कई वर्षों से यही ढर्रा चल रहा है, जिससे महानगर पालिका की स्थिति 'बैल गया और बाड़ा बनाया' जैसी हो गई है।
समय पर पारदर्शी टेंडर न निकालने के कारण आज आम पुणेकरों को जलजमाव, गड्डों, हादसों और भीषपा ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
किर्दत ने आरोप लगाया कि समय पर टेंडर प्रक्रिया न शुरू करने के पीछे नगरसेवकों और ठेकेदारों का गठजोड़ है। उन्होंने कहा कि नगरसेवकों द्वारा 20 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने की खुलेआम चर्चा है, सत्ताधारी भाजपा, और ठेकेदारी श्री मिलीभगत से बिना टेंडर काम बाटे जा रहे हैं। सर्वदलीय नगरसेवक, पालिका प्रशासन
आम आदमी पार्टी ने कहा कि पुणे जैसे तेजी से बढ़ते पुणे शहर में सड़क और जल निकासी व्यवस्था को लेकर दीर्घकालिक योजना जरूरी है। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन की देरी और कथित अनियमितताओं का सीधा असर नागरिकों पर पड़ रहा है।
किर्दत ने मांग की कि सड़क मरम्मत के सभी कार्य पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के जरिए कराए जाएं और गड्ढों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की भी निगरानी करने की मांग की है।