

Naigaon Bhayandar Stabling Lines Railway Project: उपनगरीय रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए चल रही परियोजनाओं के तहत लोकल ट्रेनों को खड़ा करने की सुविधा भी बढ़ाई जाएगी। पांचवीं-छठी रेल लाइन और गोरेगांव-बोरीवली हार्बर मार्ग विस्तार के लिए 37 मौजूदा स्टैबलिंग लाइन हटाई जाएंगी।
इसके बदले नायगांव-भायंदर के बीच रेलवे कॉरिडोर के पश्चिम हिस्से में 31 नई स्टेबलिंग लाइन तैयार करने की योजना है। इससे नई रेल लाइनों के लिए जरूरी जगह उपलब्ध होने के साथ सेवा से बाहर लोकल रेक को खड़ा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी मजबूत होगी।
बता दें कि सेवा में नहीं रहने वाली लोकल ट्रेनों के रेक खड़े करने के लिए स्टैवलिंग लाइनों का इस्तेमाल किया जाता है। नई रेल लाइनों के लिए आवश्यक जगह उपलब्ध कराने के साथ मौजूदा स्टैवलिंग सुविधाओं का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत गोरेगांव उत्तर, बोरीवली, भायंदर और भायंदर दक्षिण की
कुछ स्टैबलिंग लाइन हटाकर उनकी वैकल्पिक व्यवस्था नायगांव-भायंदर के बीच की जाएगी। हार्बर मार्ग के विस्तार के लिए गोरेगांव उत्तर की पांच और बोरीवली की चार स्टैवलिंग लाइन हटाई जाएंगी। वहीं, बोरीवली-विरार पांचवीं छठी रेल लाइन के काम के लिए बोरीवली की चार, भायंदर की 22 और भायंदर दक्षिण की दो लाइनें हटाने का प्रस्ताव है। इस तरह कुल 37 मौजूदा लाइनों का पुनर्गठन कर 31 नई स्टैबलिंग लाइनें बनाई जाएंगी।
नई स्टैबलिंग सुविधाओं के लिए एमआरवीसी को 6,961.53 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण करना होगा। इंजीनियरिंग स्केल प्लान के अनुसार इसमें निजी, सरकारी और नमक की खेती वाली जमीन शामिल है। नई सुविधाओं के निर्माण से रेलवे के विस्तार हो रहे नेटवर्क के लिए आवश्यक स्टैबलिंग व्यवस्था उपलब्ध होगी।
गोरेगांव उत्तर-बोरीवली हार्बर मार्ग विस्तार और बोरीवली-विरार पांचवीं-छठी रेल लाइन, दोनों परियोजनाओं को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। विस्तारित रेल नेटवर्क के लिए स्टैबलिंग सुविधाओं का भी उपयुक्त स्थानों पर पुनर्गठन किया जाएगा। इससे नई रेल लाइनों और लोकल ट्रेनों की पार्किंग व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
बोरीवली-विरार के बीच पांचवीं छठी रेल लाइन बनने से इस व्यस्त मार्ग पर रेलवे की अतिरिक्त क्षमता बढ़ेगी।
उपनगरीय और अन्य ट्रेनों के लिए अलग रेल लाइनें उपलब्ध कराने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी, साथ ही, भविष्य में लोकल सेवाओं के विस्तार के लिए भी अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी।